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राजस्थान में फिर शुरू होंगे शहरी-ग्रामीण सेवा शिविर, 31 अगस्त तक मिलेगा लाभ

जयपुर
राजस्थान सरकार ने राज्य की जनता को बड़ी राहत देते हुए 21 जुलाई से ‘शहरी और ग्रामीण सेवा शिविर’ फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित ‘राज उन्नति’ की उच्चस्तरीय बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।

राजस्थान में फिर शुरू होंगे शहरी-ग्रामीण सेवा शिविर, 31 अगस्त तक मिलेगा लाभ

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों के अनुसार, राज्यभर में 31 अगस्त 2026 तक फॉलोअप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों की सबसे खास बात यह होगी कि पूर्व में दी गई सभी प्रकार की छूट और राहतें इस अवधि के दौरान भी यथावत लागू रहेंगी।

क्या है अभियान का मुख्य उद्देश्य
आमजन के सभी लंबित और नए मामलों का समयबद्ध निपटारा करना और 31 अगस्त 2026 तक सभी प्राप्त प्रकरणों को पूरी तरह से निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे एक व्यवस्थित योजना तैयार कर इस अभियान को निर्धारित समय में पूरा करें। इस पहल से पट्टे, राजस्व संबंधी कार्य और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा
आज मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित RAJUNNATI की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर में संचालित विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही राजस्थान संपर्क एवं मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त परिवेदनाओं के विभिन्न परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में संचालित सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें।

सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरी हो तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचे, यही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता और सुशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है।

राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ और ‘शहरी सेवा शिविर’ का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को उनके घरद्वार पर ही प्रशासनिक सेवाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना था। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर शिविर आयोजित कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।

हाल ही में आयोजित शिविर में क्या हुआ
राजस्व, स्वायत्त शासन, आवास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, जल संसाधन, विद्युत सहित लगभग 21 से 22 प्रमुख विभाग शामिल रहे। ‘एक ही छत के नीचे’ विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का निपटारा और लंबित शिकायतों को हल किया गया।

शिविरों में हुए ये कार्य
शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से लंबित मकानों एवं कृषि भूमि के पट्टे जारी किए गए। भूमि, मकान और आवंटन पत्रों में नाम हस्तांतरण, नामांतरण और नोड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने का काम मौके पर ही हुआ। पेंशन योजनाओं के नए आवेदन स्वीकार किए गए और पात्र लाभार्थियों के सत्यापन कार्य पूरे किए गए। जाति, मूल निवास, आय और जन्ममृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तुरंत बनाकर दिए गए। नल कनेक्शन, बिजली बिल दुरुस्ती, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज व सड़कों की मरम्मत से जुड़ी जनसमस्याओं का ऑनदस्पॉट निस्तारण किया गया।

इन शिविरों ने सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की प्रक्रिया को समाप्त कर आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और वंचित वर्ग को त्वरित राहत पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान सरकार द्वारा आम जनता की प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाने के लिए आयोजित ‘प्रशासन गांवों के संग’ और ‘प्रशासन शहरों के संग’ जैसे सेवा शिविर हाल ही में संपन्न हुए हैं।

ये कार्य भी शिविर में किए गए
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पट्टे वाले मकानों और भूखंडों का नियमन कर लाखों परिवारों को स्वामित्व पट्टे जारी किए गए। कृषि भूमि का नामांतरण, सीमांकन, खातेदारी अधिकार देना और आपसी सहमति से भूमि के बंटवारे के मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की तुरंत स्वीकृति, खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र परिवारों के नाम जोड़ना, और जॉब कार्ड बनाए गए।

साथ ही जाति, मूल निवास, आय, और जन्ममृत्यु प्रमाण पत्र बिना किसी कागजी जटिलता के तुरंत जारी किए गए। पानीबिजली के त्रुटिपूर्ण बिलों में सुधार, नए कनेक्शन की मंजूरी, तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत और नालियों की सफाई जैसे कार्य तुरंत किए गए। नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर दवाइयां दी गईं और पात्र लोगों के आयुष्मान/हेल्थ कार्ड बनाए गए।

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