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शरीर में बढ़ रहा है यूरिक एसिड? भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें, नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी

शरीर में बढ़ रहा है यूरिक एसिड? भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें, नहीं तो बढ़ सकती है परेशानी

आजकल बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हाई यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब प्यूरीन (Purine) के टूटने से बनने वाले अपशिष्ट को किडनी पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाती। इसका स्तर बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट (Gout) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में दवाओं के साथ-साथ सही खान-पान की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आइए जानते हैं किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए।

1. रेड मीट (लाल मांस)

रेड मीट जैसे मटन, बीफ और पोर्क में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। अधिक सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड तेजी से बढ़ सकता है, जिससे गाउट का खतरा बढ़ जाता है और जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या गंभीर हो सकती है।

2. समुद्री भोजन (सी-फूड)

झींगा, सार्डिन, एन्कोवी, शेलफिश और कुछ प्रकार की मछलियों में भी प्यूरीन अधिक होता है। जिन लोगों का यूरिक एसिड पहले से बढ़ा हुआ है, उन्हें डॉक्टर अक्सर इनका सेवन सीमित करने या परहेज करने की सलाह देते हैं।

3. शराब (Alcohol)

शराब, विशेष रूप से बीयर, यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है। यह किडनी की यूरिक एसिड बाहर निकालने की क्षमता को भी प्रभावित करती है, जिससे शरीर में इसका स्तर और बढ़ सकता है। इसलिए हाई यूरिक एसिड वाले लोगों को शराब से बचना चाहिए।

यूरिक एसिड बढ़ने के सामान्य लक्षण

  • जोड़ों में अचानक तेज दर्द
  • पैरों के अंगूठे, टखनों या घुटनों में सूजन
  • जोड़ों में लालिमा और गर्माहट
  • चलने-फिरने में कठिनाई
  • दर्द के बार-बार अटैक आना

यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए क्या करें?

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को आहार में शामिल करें।
  • मीठे पेय और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
  • नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट न लें।
  • समय-समय पर यूरिक एसिड की जांच कराते रहें।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार, हर व्यक्ति को सभी प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती। आहार में बदलाव व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, यूरिक एसिड के स्तर और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। यदि बार-बार जोड़ों में दर्द, सूजन या गाउट के लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर या रूमेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

हाई यूरिक एसिड को सही समय पर नियंत्रित किया जाए तो गाउट और अन्य जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार अपनाना इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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