
बांग्लादेश ने वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ भारत जाने का प्रयास कर रहे 83 इस्कॉन सदस्यों को रविवार को बेनापोल सीमा पर वापस भेज दिया। पिछले दो दिनों में, इन श्रद्धालुओं को बेनापोल चेक पोस्ट से भारत की यात्रा करने से रोका गया, जबकि उनके पास पासपोर्ट और वीजा जैसी वैध यात्रा दस्तावेज मौजूद थे।
बेनापोल आव्रजन पुलिस के प्रभारी अधिकारी इम्तियाज अहसानुल कादर भुइयां ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये इस्कॉन सदस्य विभिन्न जिलों से धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए भारत जाने आए थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली और वे वापस लौट गए। उन्होंने विस्तार में बताया कि इन श्रद्धालुओं के पास वैध पासपोर्ट और वीजा थे, लेकिन उनके पास यात्रा के लिए आवश्यक ‘‘विशिष्ट सरकारी अनुमति’’ नहीं थी।
एक इस्कॉन सदस्य, सौरभ तपंदर चेली ने बताया कि वे भारत में एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे, लेकिन आव्रजन अधिकारियों ने सरकारी अनुमति का हवाला देते हुए उन्हें सीमा पार करने से रोक दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ‘डेली स्टार’ अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बेनापोल सीमा पर मौजूद आव्रजन पुलिस ने उच्च अधिकारियों से परामर्श कर यह निर्णय लिया कि इन श्रद्धालुओं को सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इनके पास आवश्यक सरकारी मंजूरी नहीं थी, इसलिए उन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया।
शनिवार रात और रविवार सुबह, इन 54 श्रद्धालुओं समेत कई इस्कॉन सदस्य जांच चौकी पर पहुंचे थे, लेकिन अनुमति के लिए घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें बताया गया कि उनकी यात्रा अधिकृत नहीं है। इस प्रकार, वैध यात्रा दस्तावेज होते हुए भी, उन्हें बिना सरकारी अनुमति के भारत में प्रवेश से रोका गया।



