नशा मुक्त युवाओं का किया जा रहा सम्मान

मान सरकार पंजाब में नशे के कोढ़ को खत्म करने के लिए पहले दिन से जुटी हुई है। युद्ध नशे के विरुद्ध के तहत नशा तस्करों की जहां कमर तोड़ी जा रही है वहीं हाल ही में सूरमा नाम मुहिम की शुरुआत की गई। मुहिम के तहत मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान द्वारा नशा मुक्त हुए नौजवानों को सूरमा छाप और टीशर्ट से सम्मानित किया। इसे सूबे की नशा विरोधी मुहिम का अगला चरण बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत कहते हैं कि इस प्रयास का उद्देश्य नशा छोड़ चुके नौजवानों को उम्मीद के दूत के रूप में पेश करना है, जो जमीनी स्तर पर नशों के खिलाफ जंग की अगवानी करेंगे। पंजाबभर में करीब 3,100 गांवों के खेल मैदान और 3,000 जिम चालू करना इस मुहिम का खास पहलू है। पंजाब सरकार द्वारा पंजाब पुलिस ने शुरू किए गए युद्ध नश के विरुद्ध अभियान के तहत मिली सफलताओं की बात करें तो 1 मार्च, 2025 से 25 जून, 2026 तक पुलिस ने कुल 5091 केस दर्ज किए हैं और 7105 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिसमें 3103 किलोग्राम हेरोइन, 2.4 किलोग्राम स्मैक, 831 किलोग्राम अफीम, 6 क्विंटल 74 किलोग्राम पोस्त, 84 क्विंटल 789 किलोग्राम हशीश, 10 क्विंटल गांजा, 4 क्विंटल कोकीन, 5 क्विंटल आईस और 165 किलोग्राम नशीला पाउडर शामिल है। इसके अलावा तस्करों से 2100 नशीले पदार्थ, इंजेक्शन और कैप्सूल बरामद किए गए हैं, साथ ही रिकॉर्ड 18 करोड़ 73 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई है। सीमा पार से आ रहीं नशे की खेपों को पकडऩे के लिए एंटी ड्रोन गन स्थापित की गई हैं और नशे को रोककर पंजाब की जवानी को बचाया जा रहा है। केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि नशा पीडि़तों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के तहत 1,090 युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया, जबकि 2,360 व्यक्तियों को ओट केंद्रों में दाखिल किया गया है। 750 लोगों के मामलों में राहत प्रक्रिया शुरू की गयी है, जिन्होंने स्वयं नशा मुक्ति उपचार के लिए आवेदन किया था। उनके मामलों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 64ए के तहत स्थगित किया गया है।



