
जिले के देवभोग और अमलीपदर तहसील क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते तेल नदी, सुख तेल नदी समेत क्षेत्र के कई बरसाती नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग आधी रात से जागकर अपने घरों और जरूरी सामान को सुरक्षित बचाने की जद्दोजहद करते नजर आए।
बारिश का असर अब सिर्फ नदी-नालों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों और आबादी वाले इलाकों में भी पानी भरने लगा है। कई स्थानों पर खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
देवभोग-अमलीपदर क्षेत्र में बेलाट नाला का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी के तेज बहाव के बीच भी बच्चों के नाले में नहाने की तस्वीरें सामने आ रही हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच इस तरह पानी में उतरना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हुई है। लगातार तीन दिनों से जारी बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों को करीब दस साल पहले आई भीषण बाढ़ की याद दिला दी है।
कई परिवारों के लिए बीती रात मुश्किलों भरी रही। घरों में पानी घुसने की आशंका के बीच लोग रातभर जागते रहे और घरेलू सामान को ऊंची जगहों पर सुरक्षित रखने में जुटे रहे। बारिश नहीं थमने के कारण लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई गांवों में खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसान अब बारिश थमने और पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। यदि इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो फसलों पर इसका असर और बढ़ सकता है।
देवभोग और अमलीपदर क्षेत्र में फिलहाल बारिश का दौर जारी है। नदी-नालों में लगातार बढ़ते जलस्तर और जलभराव के बीच लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर घरों और सामान को बचाने में जुटे हुए हैं।
बारिश ने एक बार फिर देवभोग-अमलीपदर क्षेत्र में बाढ़ की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। अब लोगों को इंतजार है तो सिर्फ बारिश थमने और नदी-नालों का जलस्तर नीचे आने का।



