
सीतापुर, अमृत विचार: इन दिनों ऋषियों की पावन तपोभूमि नैमिषारण्य में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पवित्र चक्रर्तीर्थ और घाटों का जलस्तर बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि कई दशकों बाद इस तरह यहां का जलस्तर बढ़ा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से हादसे की आशंका भी बढ़ी है,जिसके कारण प्रशासन और साधुसंतों ने कड़े कदम उठाये हैं। यहीं वजह है कि श्रद्धालुओं को चक्रतीर्थ और घाटों के गहरे पानी में जानें और स्नान करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
लाउडस्पीकर से की जा रही है मुनादी
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नैमिषधाम के साधुसंतों ने कमान संभाल ली है। पूरे तीर्थ परिसर में लाउडस्पीकर और अन्य संचार माध्यमों के जरिये लगातार एनाउंसमेंट किया जा हरा है। एनाउंसमेंट में बारबार दोहराया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वह पानी के नजदीक न जाएं और केवल सुरक्षित दूरी से ही चक्रतीर्थ के दर्शन करें।
काली पीठाधीश्वर गोपाल शास्त्री व प्रधान पुजारी शक्तिपीठ श्री ललिता देवी मंदिर का कहना है कि कई वर्षों बाद जलस्तर बढ़ा है। सभी श्रद्धालुओं को बढ़ते जलस्तर के कारण चक्रतीर्थ और घाटों में न जाने की सलाह दी जा रही है।



