उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सरदारनगर गांव में सोमवार शाम ओवरहेड पानी की टंकी ढहने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करते हुए तीन इंजीनियरों पर गाज गिरी है. दो इंजीनियरों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक जूनियर इंजीनियर जेई को निलंबित किया गया है. इसके साथ ही टंकी का निर्माण कराने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है.

यह हादसा उस समय हुआ, जब जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकी अचानक गिर गई. टंकी ढहने से आसपास बैठे कई ग्रामीण मलबे में दब गए और घायल हो गए. घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई और लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला.
लापरवाही पर सख्ती, जांच के बाद कार्रवाई
हादसे की गंभीरता को देखते हुए शासन और प्रशासन तुरंत हरकत में आया. प्रारंभिक जांच में निर्माण और निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के दो इंजीनियरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. वहीं जल निगम ग्रामीण के एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
निर्माण एजेंसी पर एफआईआर, ब्लैकलिस्ट की तैयारी
टंकी निर्माण में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए निर्माण कराने वाली एजेंसी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है. एजेंसी पर एफआईआर दर्ज कराई गई है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे.
ग्रामीणों ने पहले ही जताई थी आशंका
हादसे के बाद ग्रामीणों ने दावा किया कि टंकी के निर्माण में शुरू से ही गड़बड़ी थी. उन्होंने कई बार घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत भी की थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया. लोगों का कहना है कि उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करना ही इस बड़े हादसे की वजह बना. अब पूरे मामले में आगे की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.
वहीं पूरे मामले में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.



