Akhilesh Yadav spoke on Ram Mandir donation controversy: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के मामले ने देशभर में सियासी और धार्मिक बहस को तेज कर दिया है। इस मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण को आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए अयोध्या के ‘सनातन मान’ को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को ऐसी आदर्श धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को सच्ची आध्यात्मिक अनुभूति मिले।
एसआईटी रिपोर्ट के बाद तेज हुई सियासत
अखिलेश यादव एसआईटी रिपोर्ट में सामने आए कथित खुलासों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण ने श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है। इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोपप्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
70 बार चोरी हुई चोरी
दरअसल एसआईटी रिपोर्ट में में चोरी को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि राम मंदिर में 70 बार चोरी हुई है, इसका खुलासा सीसीटीवी से हुआ है। इसको लेकर भी अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है।
चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बोले अखिलेश
ने कहा, “हमने तो पहले ही कहा था कि सीसीटीवी का नाम ‘चढ़ावाचोरी TV’ साबित होगा। जिन लोगों ने मंदिर में 17 बार लूटा वो सैंकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं, जिन्होंने सिर्फ 40 दिन में ‘सत्तर’ बार लूटा वो तो इस देश के इतिहास में इतने बड़े महापाप के लिए ‘सात’ जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज़ हो जाएंगे।
अगर सोचा जाए जिन्होंने सात हफ़्ते में इतनी चोरी कर ली है, तो उन्होंने अपराधियों ने पिछले इतने सालों में कितना सामान चुराया होगा, कितना आपस में बांटा होगा, कितना चुपके से छुपायादबाया होगा और कितना अपने मालिक तक पहुंचाया होगा। अखंड निंदनीय!”



