
सुपरफूड्स की गिनती में आने वाले चिया सीड्स (Chia Seeds) और सब्जा सीड्स (Basil Seeds) दोनों ही फाइबर, ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। वजन घटाने और पाचन दुरुस्त करने के लिए कई लोग इन्हें सुबह एक साथ पानी में भिगोकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक दोनों बीजों की तासीर और पोषण तत्व अलग-अलग होते हैं। अगर उन्हें सही मात्रा में या सही तरीके से न खाया जाए तो यह पेट फूलने (Bloating), गैस, लो ब्लड प्रेशर या गले में फंसने (Choking Hazard) जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। ग्लेनीगल्स अवेयर हॉस्पिटल, एलबी नगर, हैदराबाद की चीफ डाइटीशियन डॉ. बिराली श्वेता के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को इन सीड्स से एलर्जी या पाचन संबंधी संवेदनशीलता नहीं है, तो इन्हें सीमित मात्रा में एक साथ खाना फायदेमंद हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इन सीड्स का सेवन कैसे फायदेमंद साबित होता है।
चिया सीड्स में कौन-कौन से हैं पोषक तत्व
डॉ. बिराली के मुताबिक चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, घुलनशील फाइबर और पौधों से मिलने वाला प्रोटीन पाया जाता है। ये पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने, दिल की सेहत को सपोर्ट करने और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकते हैं।
सब्जा के बीज कैसे सेहत पर कर करते हैं असर?
सब्जा या तुलसी के बीज का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में शरीर को ठंडक देने, एसिडिटी से राहत और पाचन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। पानी में भिगोने के बाद इनमें जेली जैसी परत बन जाती है, जिसे म्यूसिलेज कहा जाता है। डॉ. बिराली के अनुसार यह सीड्स पाचन तंत्र को सपोर्ट करते हैं और पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करते हैं।
दोनों सीड्स को एक साथ लेने से सेहत पर कैसा होता है असर?
अगर चिया और सब्जा के बीजों को एक साथ, खासकर रात भर पानी में भिगोकर लिया जाए तो इनसे फाइबर, हाइड्रेशन, एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुणों का कॉम्बिनेशन मिल सकता है। इससे वजन को मैनेज करने, ब्लड शुगर कंट्रोल और मल त्याग यानी बॉवेल मूवमेंट को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। कंसल्टेंट डाइटिशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा के अनुसार, चिया और सब्जा के बीजों को रोजाना एक साथ खाना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। दोनों सीड्स में फाइबर, हेल्दी फैट और मिनरल्स पाए जाते हैं जो ओवर ऑल हेल्थ को सपोर्ट करते हैं।
कितनी मात्रा में खाना चाहिए?
दोनों बीज पानी में भिगोने के बाद काफी फूल जाते हैं और इनमें फाइबर की मात्रा भी ज्यादा होती है। इसलिए इन्हें बहुत अधिक मात्रा में खाने से गैस, ब्लोटिंग या पेट में असहजता हो सकती है इसलिए इनका सीमित सेवन करना चाहिए। डॉ. बिराली के अनुसार, एक दिन में एक-एक चम्मच चिया और सब्जा के बीज ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित हैं।
चिया और सब्जा सीड्स खाते समय इन लोगों को रहना चाहिए सावधान
जिन लोगों को लंबे समय से पाचन संबंधी समस्या है या जो ब्लड थिनर यानी खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, उन्हें नियमित रूप से चिया या सब्जा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कनिका मल्होत्रा के अनुसार, लो ब्लड शुगर वाले लोग, ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं लेने वाले लोग, गर्भवती या ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं, खासकर सब्जा बीजों को लेकर, हार्मोन से जुड़ी संवेदनशील स्थितियों वाले लोग और ब्लड थिनर या कुछ दूसरी दवाएं लेने वाले लोगों को नियमित सेवन से पहले न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
सुबह दोनों बीज लेना जरूरी है क्या?
मेडिकवर हॉस्पिटल, खारघर, नवी मुंबई में डायटेटिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. राजेश्वरी पांडा के अनुसार, सुबह दोनों बीज लेने से आंतों की सेहत को सपोर्ट मिल सकती है। अगर किसी व्यक्ति को हाई-फाइबर फूड खाने की आदत नहीं है, तो शुरुआत कम मात्रा से करनी चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया दोनों सीड्स को रोज एक साथ लेने के बजाय एक दिन चिया और दूसरे दिन सब्जा भी लिया जा सकता है। मात्रा बहुत ज्यादा न हो तो ये पाचन के लिए एक आसान नेचुरल विकल्प हो सकता हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख विशेषज्ञों की राय और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। किसी भी नई डाइट या रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



