उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यमुना किनारे दशकों से जारी सीमा विवाद अब खात्मे की ओर.
Satya Report: बागपत: यूपी और हरियाणा के बीच 52 साल पुराना यमुना बंटवारे का विवाद अब खात्मे की ओर है. यूपी के 5 जिलों में इस विवाद के चलते मर्यादा की दीवार तैयार की जा रही है. जब यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगी तो दोनों ही राज्यों के बीच यमुना सीमा का विवाद खत्म हो जाएगा.
क्या है विवाद: दरअसल यमुना हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच विभाजन का काम करती है. बारिश के दौरान यमुना जब उफनाती है तो खेतों में पानी भर जाता है. बाढ़ के बाद हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अक्सर फसलों और जमीनों पर कब्जे को लेकर किसानों में विवाद होता रहा है. यह विवाद करीब 52 साल से हो रहा है. कई मामले भी दर्ज हुए. किसानों के बीच कई बार खूनी संघर्ष भी हुए. दोनों ही राज्यों के राजस्व अधिकारियों ने पैमाइश भी लेकिन कोई हल नहीं निकला.
ये समाधान निकाला लेकिन फेल हो गया: इस विवाद को रोकने के लिए 1970 के दशक में दीक्षित अवार्ड के आधार पर यमुना किनारे दोनों राज्यों की सीमा को तय करने का फैसला किया गया था. तय किया गया था कि दोनों ही ओर पिलर खड़े किए जाएंगे ताकि दोनों राज्यों के बीच यमुना का बंटवारा हो सके. हालांकि बाद में पानी के तेज बहाव में ये पिलर बह गए थे. इस वजह से फिर से दोनों ही राज्यों के बीच सीमा विवाद खड़ा हो गया.
सर्वे कराया गया: इस समस्या के समाधान के लिए सर्वे आफ इंडिया ने सर्वे किया. इसकी रिपोर्ट दोनों ही राज्यों के अफसरों को दी गई. अब इसी रिपोर्ट के आधार पर अब यमुना के साथ इंटर स्टेट बार्डर पर पिलर बनाए जा रहे हैं. बता दें कि दिल्ली के बाद फरीदाबाद की सीमा में यमुना नदी 25 किलोमीटर बहती है. नदी के दोनों ओर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के करीब 50 से अधिक गांव हैं. अब जो पिलर तैयार किए जा रहे हैं वे काफी मजबूत हैं. कोशिश है कि वे पिलर यमुना के बहाव में बहे नहीं.
300 पिलर दोनों ही राज्य लगाएंगे: बताया गया कि इस विवाद के निपटारे के लिए कुल 300 पिलर बनाए जाएंगे जो दोनों ही राज्यों में बनाए जाएंगे. 150 पिलर उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाए गए हैं.
यूपी ने 76 करोड़ मंजूर किए: यूपी शासन ने 52 साल पुराने इस ‘सीमा युद्ध’ को खत्म करने के लिए 76 करोड़ के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दे दी है. सर्वे ऑफ इंडिया की देखरेख में अब बागपत समेत यूपी के पांच जिलों में कंक्रीट के पिलर लगाकर स्थायी सीमांकन किया जाएगा. .
इन 5 जिलों में बनेंगे पिलर
- बागपत
- सहारनपुर
- शामली
- गौतमबुद्धनगर
- अलीगढ़
किसे जिले को कितना बजट (करोड़ में)
अधिशासी अभियंता ने क्या कहा: लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) कुमार के अनुसार, तकनीकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पिलर लगने के बाद यमुना के खादर में होने वाले खूनी संघर्ष और कानूनी दांव-पेंचों का दौर इतिहास बन जाएगा



