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अर्जुन और द्रोणाचार्य अवॉर्ड में क्या है अंतर? खेल मंत्रालय ने किया ऐलान

खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का ऐलान कर दिया है. 12 सालों में पहली बार है जब खेल रत्न के लिए किसी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. आखिरी बार यह पुरस्कार साल 2014 में दिया गया था. मंत्रालय की घोषणा के मुताबिक, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. वहीं, मैरी कॉम और जैस्मीन लंबोरिया जैसे मुक्केबाजों को कोचिंग देने वाले छोटे लाल को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इनके अलावा परमवीर सिंह, नेहा नंदकुमार को यह पुरस्कार दिया जाएगा.

अर्जुन और द्रोणाचार्य अवॉर्ड को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज हो जाते हैं, लेकिन ये दोनों अलगअलग उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं. दोनों अवॉर्ड को देने के लिए जिन योग्यताओं और उपलब्धियों को आधार बनाया जाता है वो भी अलगअलग हैं.

अर्जुन अवॉर्ड किस मिलता है?

दोनों के बीच का अंतर समझने के लिए पहले अर्जुन अवॉर्ड के बारे में जान लेते हैं. भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय अर्जुन पुरस्कार उन खिलाड़ियों को देता है जिन्होंने पिछले 4 सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो. इसके साथ ही अनुशासन, नेतृत्व और खेल भावना का शानदार परिचय दिया हो.

अर्जुन अवॉर्ड.

चाहे वह बैडमिंटन हो, हॉकी हो, एथलेटिक्स हो या पैरास्पोर्ट्स, हर क्षेत्र के उत्कृष्ट खिलाड़ी इस अवॉर्ड के लिए योग्य होते हैं. साल 2024 में 32 खिलाड़ियों को यह सम्मान दिया गया. एक खास बात यह है कि अर्जुन अवॉर्ड की एक ‘लाइफटाइम’ श्रेणी भी है. यह उन खिलाड़ियों को दी जाती है जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी खेल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए क्या हैं योग्यता?

अर्जुन अवॉर्ड मैदान में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मिलता है. वहीं, द्रोणाचार्य पुरस्कार वह कोच पाता है जो खिलाड़ी को तैयार करता है. महाभारत में अर्जुन योद्धा थे और द्रोणाचार्य उनके गुरु थे, यही परंपरा भारतीय खेल नीति में भी देखने को मिलती है जब बात इन दोनों पुरस्कारों की आती है. यही वजह है कि द्रोणाचार्य अवॉर्ड का उद्देश्य पूरी तरह अलग है.

द्रोणाचार्य अवॉर्ड.

यह पुरस्कार खेल जगत के उन कोच को दिया जाता है जो लगातार शानदार और प्रशंसनीय काम करते हैं. अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने के लिए तैयार करते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं.

यह अवॉर्ड और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि अर्जुन अवॉर्ड के लिए चार साल के रिकॉर्ड देखे जाते हैं, लेकिन द्रोणाचार्य सम्मान के लिए कोच के तौर पर उनके जीवन की सारी उपलब्धियों पर गौर किया जाता है.इसमें भी रेगुलर और लाइफटाइम दोनों श्रेणियां हैं. 2024 में रेगुलर कैटेगरी में 3 और लाइफटाइम कैटेगरी में 2 कोचों को यह अवॉर्ड मिला था.

अर्जुन पुरस्कार के विजेता

क्रम संख्याखिलाड़ी का नामखेल
1.तेजस्विन शंकरएथलेटिक्स
2.मुहम्मद अजमल वीएथलेटिक्स
3.प्रियंका गोस्वामीएथलेटिक्स
4.त्रिशा जॉलीबैडमिंटन
5.पुल्लेला गायत्री गोपीचंदबैडमिंटन
6.नरेन्द्रमुक्केबाज़ी
7.विदित संतोष गुजरातीशतरंज
8.दिव्या जितेंद्र देशमुखशतरंज
9.धनुष श्रीकांतबधिर निशानेबाजी
10.लालरेमसियामीहॉकी
11.राजकुमार पालहॉकी
12.सुरजीतकबड्डी
13.पूजाकबड्डी
14.रुद्रांश खंडेलवालपाराशूटिंग
15.एकता भायनपाराएथलेटिक्स
16.अरविंद सिंहनौकायन
17.अखिल श्योराननिशानेबाजी

अर्जुन पुरस्कार के विजेता

क्रम संख्याखिलाड़ी का नामखेल
1.श्री आई अरुमइनायागमफुटबॉल

द्रोणाचार्य पुरस्कार2025

नियमित श्रेणी

क्रम संख्याप्रशिक्षक का नामखेल
1.परवीर सिंहएथलेटिक्स
2.छोटे लाल यादवमुक्केबाजी
3.नेहा नंदकुमार चव्हाणनिशानेबाजी

लाइफटाइम श्रेणी:

क्रम संख्याप्रशिक्षक का नामखेल
1.धर्मेन्द्र सिंह यादवमुक्केबाजी
2.वीरेन्दर कुमारकुश्ती

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