
ग्रेटर नोएडा: ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच ग्रेटर नोएडा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने वेबसाइट के जरिए एंड्रॉयड डिवाइस ऑर्डर किया था। ऑर्डर के समय उसने सामान की पूरी कीमत ऑनलाइन ही चुका दी थी। उसे उम्मीद थी कि कुछ दिनों में उसका सामान घर पहुंच जाएगा, लेकिन डिलीवरी मिलने के बाद पैकेट खोलते ही उसके होश उड़ गए।
एंड्रॉयड डिवाइस की जगह पैकेट के अंदर गोबर भरा हुआ था। युवक ने जब यह देखा तो उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
ऑनलाइन किया था एंड्रॉयड डिवाइस का ऑर्डर
मामला थाना दनकौर क्षेत्र के आकाश नगर का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले एक युवक ने कुछ दिन पहले एक वेबसाइट के माध्यम से एंड्रॉयड डिवाइस बुक किया था। ऑर्डर करते समय उसने डिवाइस की पूरी कीमत ऑनलाइन भुगतान के जरिए जमा कर दी थी।
भुगतान करने के बाद युवक डिलीवरी का इंतजार कर रहा था। उसे भरोसा था कि तय समय पर उसका ऑर्डर सही सामान के साथ उसके घर पहुंच जाएगा।
पैकेट खोला तो उड़ गए होश
सोमवार शाम करीब 5 बजे कोरियर के जरिए युवक के घर पैकेट पहुंचा। पैकेट मिलने के बाद उसने उसे खोला, लेकिन अंदर का सामान देखकर वह हैरान रह गया।
जिस पैकेट में एंड्रॉयड डिवाइस होना चाहिए था, उसमें डिवाइस की जगह गोबर भरा हुआ था। युवक का आरोप है कि उसके साथ ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर धोखाधड़ी की गई है।
सामान की जगह गोबर मिलने के बाद युवक ने मामले की शिकायत पुलिस से की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन ऑर्डर से जुड़ी वेबसाइट, भुगतान की जानकारी, ऑर्डर की प्रक्रिया और डिलीवरी से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन खरीदारी में इन बातों का रखें ध्यान
इस तरह की घटनाएं ऑनलाइन खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत बताती हैं। किसी भी वेबसाइट से सामान खरीदने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
ऑर्डर करने से पहले वेबसाइट की कंपनी संबंधी जानकारी, ग्राहक समीक्षाएं, रिटर्न और रिफंड पॉलिसी तथा कस्टमर केयर की जानकारी जरूर देख लें। अनजान वेबसाइट या संदिग्ध थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने से बचना भी बेहतर है।
ऑनलाइन खरीदारी करते समय जल्दबाजी के बजाय वेबसाइट और विक्रेता की पूरी जानकारी जांचने से इस तरह की धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सकता है।



