
नई दिल्ली: पीरियड्स के दौरान खून के छोटे-छोटे थक्के यानी ब्लड क्लॉट्स निकलना कई महिलाओं में सामान्य हो सकता है। खासकर मासिक धर्म के शुरुआती दिनों में जब ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तब ऐसे थक्के दिखाई दे सकते हैं। लेकिन अगर बार-बार बड़े थक्के निकल रहे हों, ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो या तेज दर्द हो रहा हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं।
पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स क्यों निकलते हैं?
मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय की अंदरूनी परत टूटकर खून के रूप में शरीर से बाहर निकलती है। जब ब्लीडिंग तेज होती है, तो खून कुछ समय तक गर्भाशय में जमा रह सकता है और थक्कों के रूप में बाहर आ सकता है। छोटे थक्के कभी-कभी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
हालांकि, लगातार बड़े थक्के निकलना या सामान्य से ज्यादा ब्लीडिंग होना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।
किन समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं ब्लड क्लॉट्स?
पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग और बड़े थक्के निकलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- गर्भाशय में फाइब्रॉएड: गर्भाशय में बनने वाली गैर-कैंसरकारी गांठें कई बार भारी मासिक रक्तस्राव और थक्कों का कारण बन सकती हैं।
- एडेनोमायोसिस: इस स्थिति में गर्भाशय की अंदरूनी परत से मिलता-जुलता ऊतक उसकी मांसपेशियों में बढ़ने लगता है। इससे तेज दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
- हार्मोनल असंतुलन: हार्मोन में बदलाव के कारण गर्भाशय की परत अधिक मोटी हो सकती है, जिससे पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव बढ़ सकता है।
- एंडोमेट्रियोसिस: इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसा ऊतक उसके बाहर बढ़ने लगता है। कुछ महिलाओं को इसके कारण तेज दर्द और मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
- अन्य स्वास्थ्य समस्याएं: थायरॉइड से जुड़ी दिक्कतें या खून के थक्के बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी भी असामान्य ब्लीडिंग से जुड़ी हो सकती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर पीरियड्स के दौरान निम्न संकेत दिखाई दें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है:
- बार-बार बड़े आकार के खून के थक्के निकलना।
- हर एक-दो घंटे में पैड या टैम्पोन बदलने की जरूरत पड़ना।
- सात दिनों से अधिक समय तक ब्लीडिंग होना।
- पेट के निचले हिस्से या कमर में असामान्य रूप से तेज दर्द होना।
- पीरियड्स के बीच या शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग होना।
- ज्यादा खून बहने के साथ कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी परेशानी होना।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर लगातार कई घंटों तक हर घंटे एक या उससे अधिक पैड पूरी तरह भीग रहा है, खासकर इसके साथ चक्कर, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी हो रही है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। गर्भधारण की संभावना के साथ तेज दर्द या ज्यादा ब्लीडिंग होने पर भी देर नहीं करनी चाहिए।
जांच और इलाज कैसे होता है?
डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर खून की जांच, अल्ट्रासाउंड या जरूरत पड़ने पर दूसरी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। इलाज समस्या के कारण, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए खुद से हार्मोनल दवाएं या ब्लीडिंग रोकने वाली दवाएं लेना सही नहीं है।
Satya Report नोट: पीरियड्स में छोटे थक्के निकलना हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन लगातार भारी ब्लीडिंग, बड़े थक्के या असहनीय दर्द होने पर जांच जरूर कराएं। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से समस्या का कारण पता लगाने और उचित इलाज में मदद मिल सकती है।



