तृषा कृष्णन ने एक बार विजय को अपना ‘घर’ जैसा बताया था एक ऐसा इंसान जिसके साथ उन्हें हमेशा प्यार, सुकून और दोस्ती का एहसास हुआ।

उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म के सेट पर जहां बाकी लोग ब्रेक के दौरान हंसीमज़ाक और बातचीत में लगे रहते थे, वहीं विजय अक्सर एक कोने में जाकर चुपचाप बैठ जाते थे और दीवार की तरफ देखते रहते थे। उस समय यह उन्हें थोड़ा अजीब लगता था। लेकिन जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो विजय ने कहा कि वह यूं ही नहीं बैठे रहते, बल्कि अगले सीन के बारे में गहराई से सोच रहे होते थे।
तृषा ने यह भी बताया कि जब उन्होंने 2004 की फिल्म Ghilli में साथ काम शुरू किया था, तब उनके बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी, क्योंकि विजय बहुत शांत और रिज़र्व स्वभाव के हैं। लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान धीरेधीरे दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई।
उन्होंने विजय की प्रोफेशनलिज़्म की भी काफी तारीफ की। उनके अनुसार, विजय सेट पर हमेशा शांत रहते हैं, अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं और उन्होंने कभी उन्हें गुस्सा होते नहीं देखा। तृषा ने उन्हें एक दयालु और सम्मानजनक इंसान बताया, जिनके साथ काम करना हमेशा खास रहा।
जब दोनों ने 2023 में फिल्म Leo में 15 साल बाद फिर साथ काम किया, तो तृषा ने कहा कि यह अनुभव किसी पुराने स्कूल दोस्त से मिलने जैसा था। उन्होंने कहा, “हमारे बीच वही प्यार, वही कम्फर्ट और वही दोस्ती आज भी है। मेरे 20 साल के करियर में, विजय के साथ मेरा सबसे लंबा सफर रहा है। लोग कहते हैं घर कोई जगह नहीं, बल्कि एक इंसान होता है।”



