IndiaTrending

जहां बेटियां नहीं, बेटे होते हैं पराया धन! जानिए उस जनजाति के बारे में जहां मर्द जाते हैं ससुराल

Satya Report: क्या आपने कभी सुना है कि शादी के बाद दूल्हा अपना घर छोड़कर दुल्हन के घर रहने जाए? मेघालय की खासी जनजाति में सदियों से यही रीत चली आ रही है। यहां न कन्यादान होता है और न ही बेटियों को विदा किया जाता है। यहां तो वंश भी मां के नाम से चलता है।

जहां बेटियां नहीं, बेटे होते हैं पराया धन! जानिए उस जनजाति के बारे में जहां मर्द जाते हैं ससुराल

AI

न विदाई की चीखें, न कन्यादान का बोझ

जहां देश के बाकी हिस्सों में बेटी के जन्म पर दहेज या उसकी विदाई की चिंता होने लगती है, वहीं खासी समाज में बेटी का पैदा होना जश्न की वजह बनता है। यहां कन्यादान जैसी कोई रस्म नहीं होती है। शादी के बाद दूल्हा अपना बोरिया बिस्तर समेटकर दुल्हन के घर आ जाता है। यहां समाज पुरुषों का नहीं, बल्कि महिलाओं का है। .

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply