
दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करना सेहत के लिए हमेशा से फायदेमंद माना जाता रहा है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक साइंस तक, खाली पेट पानी पीने को फायदेमंद मानता है। साइंस के मुताबिक सुबह खाली पेट पानी पीने से बॉडी डिटॉक्स होती है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। कुछ लोग सुबह उठकर 12 महीने गर्म पानी पीते हैं तो कुछ लोग ठंडा पानी पीते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि सुबह उठकर हर किसी के लिए ठंडा और गर्म पानी पीने के फायदे बराबर हैं क्या? दरअसल, हर इंसान के शरीर की प्रकृति और उसकी शारीरिक जरूरतें अलग-अलग होती हैं। अक्सर लोग बिना अपनी बॉडी टाइप जैसे पित्त, वात या कफ को समझे केवल सुनी-सुनाई बातों पर सुबह-सुबह खौलता हुआ गर्म पानी पीना शुरु कर देते हैं तो कुछ लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना शुरू कर देते हैं, जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया गर्म पानी जहां किसी के शरीर को ठीक कर देता है तो वहीं किसी दूसरे के शरीर में एसिडिटी,पेट में जलन और अपच जैसी घटनाओं को बढ़ा देता है। योग गुरु के मुताबिक अपने शरीर की स्थिति को समझ कर सुबह पानी का सेवन करना जरूरी है और सुबह उठकर प्राणायाम करना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि सेहत और लाइफस्टाइल के हिसाब से पानी का सही तापमान क्या होना चाहिए और इसे पीते समय किन-किन सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ।
सुबह उठते ही कैसा पानी पिएं?
सुबह उठकर पानी पीना शरीर में रातभर हुई सामान्य फ्लूइड लॉस की भरपाई करने का आसान तरीका है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए पानी का तापमान एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति अपनी पसंद और आराम के अनुसार कमरे के तापमान वाला या हल्का गुनगुना पानी पी सकता है। बहुत गर्म या बहुत ठंडा पानी पीना जरूरी नहीं है।
किन लोगों को ठंडा पानी पीना चाहिए?
योग गुरु के मुताबिक अगर एक हेल्दी इंसान ठंडा पानी आसानी से पचा और सहन कर पाता है, तो उसे नॉर्मल पानी पी सकता है। ऐसा जरूरी नहीं है कि गर्मियों में हर व्यक्ति के लिए ठंडा पानी नुकसानदायक होता है। योग गुरु ने बताया बहुत ठंडा पानी कुछ लोगों में दांतों की संवेदनशीलता, गले में असहजता या सिर में अचानक दर्द जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए तापमान का चुनाव व्यक्ति की सहनशीलता पर निर्भर करता है।
किन लोगों को सुबह गुनगुना पानी पीना चाहिए?
जिन लोगों को सुबह ठंडा पानी पीने से असहजता होती है, वे हल्का गुनगुना पानी ले सकते हैं। कब्ज वाले लोगों में पर्याप्त पानी पीना मल को नरम रखने और bowel movement को आसान बनाने में मदद कर सकता है। गर्म पानी का सेवन करने से ना सिर्फ कब्ज की समस्या में राहत मिलती है बल्कि वजन कंट्रोल करना भी आसान होता है।
कौन-कौन सी बीमारियों में गर्म पानी से करें परहेज
बाबा रामदेव ने बताया जिन लोगों को एसिडिटी और गैस की दिक्कत होती है उन्हें सुबह खाली पेट गर्म पानी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। ऐसे लोग सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना पानी अपनी सुविधा के अनुसार ले सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत अधिक मात्रा में पानी एक साथ पीने के बजाय दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहतर है। अगर बार-बार एसिडिटी होती है, तो केवल पानी के तापमान पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारणों की जांच करना भी जरूरी है।
पानी पीने का सही तरीका क्या है?
आयुर्वेद के मुताबिक पानी पीने का तरीका भी बहुत मायने रखता है। आयुर्वेद खड़े होकर पानी पीने के लिए मना करता है। आयुर्वेद के मुताबिक खड़े होकर पानी पीने से घुटनों या जोड़ों में दर्द होता है, या फिर शरीर में ‘वात विकृत’ हो जाता है। आप जब भी पानी पिएं तो बैठकर पिएं। आराम से बैठकर धीरे-धीरे पानी पीना ठीक है। सबसे जरूरी बात है कि पानी को बहुत तेजी से या जबरदस्ती ज्यादा मात्रा में नहीं पिएं।
सुबह कितना पानी पीना चाहिए?
सुबह उठकर जरूरी नहीं है कि आप बोतल भरकर या फिर तीन चार गिलास पानी का सेवन करें। आप सुबह उठकर एक से दो गिलास पानी पी सकते हैं। पानी की रिक्वायरमेंट प्यास, मौसम, शारीरिक गतिविधि और दिनभर के कुल fluid intake के अनुसार बदलती रहती है। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय दिनभर नियमित रूप से पानी पीना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। पानी के तापमान और सेवन की मात्रा हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और मौसम के अनुसार अलग हो सकती है। किसी बीमारी के इलाज या वजन कम करने के लिए केवल गर्म या ठंडे पानी पर निर्भर न रहें। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या लगातार लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह ले।



