
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन लगातार जारी है. इसी बीच पार्टी ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कई युवाओं को अपना नया प्रवक्ता नियुक्त किया है. यह सभी अलग-अलग पेशे और पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन इनका दावा है कि इन्हें एकजुट करने वाला मुद्दा देश की शिक्षा व्यवस्था है. ईटीवी भारत की टीम ने पार्टी के सभी नवयुक्त प्रवक्ताओं से बातचीत की. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि वह इस आंदोलन से कैसे जुड़े ? पहले क्या करते थे ?, प्रवक्ता बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं और आगे पार्टी का एजेंडा क्या रहेगा.
कॉकरोच जनता पार्टी ने सौरभ को मुख्य प्रवक्ता बनाया है. उन्होंने बताया कि वह पेशे से खोजी पत्रकार हैं और कानून तथा न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर लंबे समय तक रिपोर्टिंग और लेखन करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई जन आंदोलनों से जुड़े रहे हैं. सौरभ ने बताया कि युवाओं के मुद्दे और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही समस्याओं ने इस आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का पूरा फोकस शिक्षा सुधारों पर है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पार्टी की पहली मांग जरूर है, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य केवल इतना नहीं है. आने वाले समय में युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा और अन्य जरूरी मुद्दों पर भी पार्टी अभियान चलाएगी.
अच्छी नौकरी थी, लेकिन लगा शिक्षा के लिए कुछ करना जरूरी
कर्नाटक के बेंगलुरु की रहने वाली आफरीन को कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रवक्ता बनाया है. उन्होंने बताया कि एमबीए करने के बाद एक अच्छी नौकरी कर रही थीं. सोशल मीडिया के माध्यम से कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि जब छात्रों की परेशानियां और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा तो लगा केवल नौकरी करना ही काफी नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी कुछ करना चाहिए.
आफरीन ने बताया कि शिक्षा देश का सबसे जरूरी मुद्दा है. उनका मानना है कि हर छात्र को बिना भेदभाव अच्छी शिक्षा और समान अवसर मिलने चाहिए. उन्होंने बताया कि कर्नाटक में बेंगलुरु और मैसूर शहरों में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा लगातार बारिश और खराब मौसम के बावजूद विरोध प्रदर्शन आयोजित कराया गया जिसमें छात्रों का अच्छा समर्थन मिला. उन्होंने बताया कि प्रवक्ता बनने का मतलब केवल मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखना नहीं है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शिक्षा सुधार की बात पहुंचाना और युवाओं को इस आंदोलन से जोड़ना भी है.
पेपर लीक का दर्द किसान परिवार सबसे ज्यादा समझता
राजस्थान के अलवर जिले के किसान परिवार से आने वाले दीपक बालियान को भी पार्टी में प्रवक्ता बनाया हैे. उन्होंने राजनीति विज्ञान में मास्टर्स किया है और कई वर्षों से किसानों के मुद्दों पर काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर छात्रों की परेशानी और पेपर लीक के मामलों को देखने के बाद इस आंदोलन से जुड़ने का फैसला किया. दीपक ने बताया कि एक किसान परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों तक मेहनत करता है. जब पेपर लीक होता है या परीक्षा रद्द होती है तो केवल छात्र ही नहीं, पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजरता है. उन्होंने बताया कि आंदोलन को 650 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन मिल चुका है. उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में 28 जून को दिल्ली में बड़ी खाप पंचायत की जाएगी, जिससे शिक्षा सुधार की मांग को और मजबूती मिल सके. दीपक ने बताया कि प्रवक्ता बनने के बाद जिम्मेदारी लाखों छात्रों और उनके परिवारों की आवाज सरकार तक पहुंचाने की है.
शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ रही हैं समस्याएं
दिल्ली की रहने वाली वैष्णवी को पार्टी ने प्रवक्ता बनाया है. वह पब्लिक पॉलिसी की विशेषज्ञ हैं और केंद्र व राज्य सरकारों के साथ-साथ रिसर्च संस्थानों में करीब पांच वर्षों तक काम कर चुकी हैं. उन्होंने बताया कि नीति निर्माण के स्तर पर काम किया है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को करीब से देखा है. वैष्णवी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर समस्याओं से घिर गई है. उन्होंने NEET पेपर लीक, उच्च शिक्षा सर्वे में देरी, CBSE की गड़बड़ियों, दिल्ली विश्वविद्यालय और इग्नू में समय पर परीक्षाएं और प्लेसमेंट से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि पार्टी में मेरी भूमिका छात्रों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने की है. उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे जरूरी विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है.
IIT कानपुर और LSE की पढ़ाई के बाद देश के लिए काम करने का फैसला किया
पार्टी के नवयुक्त प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि वह आंदोलन के आयोजन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने बताया कि लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हूं और युवाओं के मुद्दों पर लगातार काम करते रहे हूं. आशुतोष ने बताया कि पार्टी से जुड़ने से पहले वह जयपुर में “परिवर्तन” नाम का एक संगठन चलाते थे. इस संगठन के माध्यम से उन्होंने अरावली संरक्षण, डोल का बाड़ जंगल बचाने और NEET जैसे मुद्दों पर अभियान चलाया था.
उन्होंने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि IIT कानपुर से बीटेक और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स किया है. इसके बाद लंदन में मैकिन्से में नौकरी कर रहा था. उन्होंने बताया कि लेकिन देश के लिए काम करना ज्यादा जरूरी है. इसी सोच के साथ कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर सार्वजनिक जीवन का रास्ता चुना. आशुतोष ने कहा, “जब भी युवाओं के असली मुद्दे उठते हैं, उन्हें धर्म और जाति की राजनीति में उलझा दिया जाता है. पहली बार ऐसा मंच मिला है जहां केवल शिक्षा, छात्रों और देश के भविष्य की बात हो रही है.”
वकील रत्ना सिंह को भी बनाया प्रवक्ता
कॉकरोच जनता पार्टी ने कानूनी मामलों की जानकार रत्ना सिंह को प्रवक्ता नियुक्त किया है. रत्ना सिंह वकील हैं और पहले Scroll तथा Bar & Bench जैसे प्रतिष्ठित कानूनी मीडिया संस्थानों में पत्रकार के रूप में काम कर चुकी हैं. वर्तमान में वह हाई कोर्ट में वकालत कर रही हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी कानूनी विशेषज्ञता और मीडिया अनुभव संगठन की नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखने में भूमिका निभाएंगी.
इस्तीफा पहला कदम, इसके बाद होंगे बड़े शिक्षा सुधार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आशुतोष ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना है तो सबसे पहले जवाबदेही तय करनी होगी. उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति व्यवस्था का नेतृत्व कर रहा है, उसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन का अंत नहीं बल्कि शुरुआत होगी. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े व्यापक बदलावों की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाएगी.



