Bihar new CM: नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद बिहार की राजनीति एक नए युग में प्रवेश करने वाली है, क्योंकि राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले नए अध्याय की शुरुआत होगी. इसके साथ ही पटना में तेज होती हलचल और प्रशासनिक गतिविधियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि राज्य का नया नेतृत्व किनके हाथ में हो सकता है.

पटना. बिहार की राजनीति में आज (14 अप्रैल 2026) की तारीख एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनने जा रही है. पटना के सियासी गलियारों में हलचल इस कदर तेज है कि राजनीतिक घटनाक्रमों और उनसे निकले संकेतों ने बिहार के आगामी राजनीतिक परिदृश्य की ओर भी काफी कुछ इशारा किया है. पटना के ‘5 देश रत्न मार्ग’ स्थित सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर मंगलवार सुबह से ही सुरक्षा का अभेद्य घेरा बना दिया गया है. सचिवालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में आवास के 100 मीटर के दायरे को खाली करा दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सलाहकार और प्रधान सचिव दीपक कुमार ने सोमवार को सम्राट चौधरी से लंबी मुलाकात की थी. जानकारों के अनुसार, यह मुलाकात केवल सामान्य शिष्टाचार या प्रशासनिक व्यवहार भर नहीं, बल्कि सत्ता हस्तांतरण के ब्लूप्रिंट पर अंतिम चर्चा माना जा रहा है.
नीतीश कुमार का राजभवन मार्च और राज्यसभा का सफर
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर करीब 3:15 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने जाने और शपथ लेने के बाद, उन्होंने अपनी विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार में उनके दो दशक लंबे शासन का समापन होने जा रहा है, जिसे भाजपा के नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी जगह बनाने के तौर पर देखा जा रहा है.
सम्राट चौधरी: भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने की तैयारी
बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं के बीच सम्राट चौधरी सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं. सम्राट चौधरी वर्तमान में गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो संभाल रहे हैं और पार्टी के भीतर पिछड़ों के बड़े चेहरे के रूप में स्थापित हैं. भाजपा विधायक दल की बैठक आज दोपहर पटना में बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान नए नेता के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं




