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पुरुषों का वजन महिलाओं से जल्दी क्यों घटता है? फैट लॉस में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, डॉक्टर ने समझाई पूरी कहानी.​​​​​​

वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब मेहनत और डाइट के बावजूद वजन उम्मीद के मुताबिक कम नहीं होता। खासकर महिलाओं को कई बार लगता है कि पुरुषों की तुलना में उनका वजन धीरे घट रहा है। लेकिन इसके पीछे सिर्फ डाइट या एक्सरसाइज की कमी जिम्मेदार नहीं होती। शरीर की बनावट, मांसपेशियों की मात्रा, हार्मोन, उम्र, नींद, तनाव और लाइफस्टाइल जैसे कई कारक वजन घटाने की रफ्तार को प्रभावित करते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कई अध्ययनों में देखा गया है कि वजन घटाने की शुरुआत में पुरुषों का वजन महिलाओं की तुलना में कुछ तेजी से कम हो सकता है। इसका एक कारण यह है कि पुरुषों में औसतन मांसपेशियों का प्रतिशत अधिक और शरीर में वसा का प्रतिशत कम होता है। अधिक मांसपेशियां होने से शरीर आराम की स्थिति में भी अपेक्षाकृत ज्यादा ऊर्जा खर्च कर सकता है।

हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि महिलाओं के लिए फैट लॉस मुश्किल या असंभव है। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद के साथ महिलाएं भी स्वस्थ और टिकाऊ तरीके से वजन कम कर सकती हैं।

पुरुषों का वजन शुरुआत में तेजी से क्यों घट सकता है?

पुरुषों और महिलाओं के शरीर की संरचना में स्वाभाविक अंतर होता है। पुरुषों में सामान्य तौर पर मांसपेशियों का द्रव्यमान अधिक होता है। मांसपेशियां शरीर की ऊर्जा जरूरतों में योगदान देती हैं, इसलिए अधिक मसल मास वाले व्यक्ति की कुल ऊर्जा आवश्यकता भी ज्यादा हो सकती है।

इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति का शुरुआती वजन अधिक है तो कैलोरी की कमी पैदा करने पर शुरुआत में वजन तेजी से कम दिखाई दे सकता है। इसमें सिर्फ फैट ही नहीं, बल्कि शरीर में जमा पानी और ग्लाइकोजन में होने वाले बदलाव भी शामिल होते हैं।

इसलिए शुरुआती कुछ हफ्तों में वजन तेजी से कम होना हमेशा ज्यादा फैट बर्न होने का संकेत नहीं होता।

महिलाओं में हार्मोन कैसे प्रभावित करते हैं वजन?

महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव वजन और भूख को प्रभावित कर सकते हैं। मासिक धर्म चक्र के दौरान हार्मोन में बदलाव की वजह से शरीर में पानी रुक सकता है, जिससे कुछ दिनों के लिए वजन बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है।

मेनोपॉज के आसपास भी हार्मोनल बदलाव, उम्र बढ़ने और मांसपेशियों में कमी जैसे कारण शरीर की संरचना और फैट के वितरण को प्रभावित कर सकते हैं।

एस्ट्रोजन शरीर में फैट के वितरण में भूमिका निभाता है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ इसी हार्मोन की वजह से महिलाओं का वजन कम नहीं होता। कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव, उम्र और जेनेटिक्स भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

PCOS होने पर वजन घटाना क्यों चुनौतीपूर्ण हो सकता है?

कुछ महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS भी वजन प्रबंधन को मुश्किल बना सकता है। PCOS के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन और भूख से जुड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

ऐसी स्थिति में केवल कैलोरी कम करना पर्याप्त नहीं हो सकता। डाइट, एक्सरसाइज, नींद और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार का सही संयोजन जरूरी होता है।

अगर वजन लगातार बढ़ रहा है, पीरियड अनियमित हैं या लंबे समय से वजन कम करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

वजन घटाने में महिलाएं कौन-सी गलतियां करती हैं?

वजन कम करने के लिए बहुत कम खाना शुरू कर देना सबसे आम गलतियों में से एक है। जरूरत से ज्यादा कैलोरी कम करने पर शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और लंबे समय तक ऐसी डाइट बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

इसके अलावा कई लोग सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। वजन घटाने के दौरान मांसपेशियों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है, इसलिए डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार स्ट्रेंथ एक्सरसाइज को भी रूटीन में शामिल किया जा सकता है।

एक और गलती है हर दिन वजन देखकर परेशान होना। शरीर में पानी, नमक, हार्मोन और भोजन की मात्रा के कारण वजन में रोजाना उतार-चढ़ाव हो सकता है।

फैट लॉस के लिए डाइट कैसी होनी चाहिए?

वजन घटाने के लिए सिर्फ कम खाना जरूरी नहीं है, बल्कि सही और संतुलित खाना भी जरूरी है।

डाइट में इन चीजों को प्राथमिकता दी जा सकती है—

  • पर्याप्त प्रोटीन जैसे दाल, अंडे, पनीर, दही, मछली या अन्य प्रोटीन स्रोत
  • फाइबर से भरपूर सब्जियां और फल
  • साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक कार्बोहाइड्रेट
  • सीमित मात्रा में नट्स और हेल्दी फैट
  • पर्याप्त पानी

वहीं, बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय, बार-बार स्नैकिंग और अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है।

सिर्फ डाइट नहीं, एक्सरसाइज भी है जरूरी

फैट लॉस के लिए कैलोरी संतुलन महत्वपूर्ण है, लेकिन एक्सरसाइज शरीर की फिटनेस और मांसपेशियों को बनाए रखने में भी मदद करती है।

तेज चलना, साइकिलिंग, तैराकी जैसी गतिविधियों के साथ सप्ताह में कुछ दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना उपयोगी हो सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय दिनभर छोटे-छोटे ब्रेक लेकर सक्रिय रहना भी फायदेमंद है।

अगर आप लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं तो अचानक बहुत ज्यादा वर्कआउट शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाना बेहतर है।

नींद और तनाव को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

वजन घटाने की कोशिश में लोग अक्सर डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं, लेकिन नींद और तनाव को भूल जाते हैं।

लगातार कम नींद लेने से भूख और भोजन की पसंद को प्रभावित करने वाले हार्मोन में बदलाव हो सकते हैं। इससे ज्यादा कैलोरी वाले भोजन की इच्छा बढ़ सकती है।

इसी तरह लंबे समय तक तनाव रहने पर भावनात्मक रूप से ज्यादा खाने की आदत विकसित हो सकती है। इसलिए वजन घटाने के साथ पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

दूसरों से अपनी वेट लॉस जर्नी की तुलना न करें

अगर किसी पुरुष का वजन एक महीने में तेजी से कम हो रहा है और किसी महिला का वजन उतनी ही अवधि में धीरे कम हो रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि महिला की मेहनत कम है।

हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। उम्र, शुरुआती वजन, मांसपेशियों की मात्रा, हार्मोन, जेनेटिक्स, दवाएं, मेडिकल कंडीशन और लाइफस्टाइल वजन घटाने की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए सिर्फ तराजू पर दिखने वाले आंकड़े के बजाय कमर का माप, शरीर की संरचना, फिटनेस और रोजमर्रा की ऊर्जा जैसे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए।

धीरे घटा वजन ज्यादा टिकाऊ हो सकता है

वजन कम करने में जल्दबाजी के बजाय ऐसी रणनीति अपनाना बेहतर है जिसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके। बहुत तेजी से वजन घटाने वाली क्रैश डाइट लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकती है और कुछ लोगों में पोषण की कमी या मांसपेशियों के नुकसान का जोखिम बढ़ा सकती है।

एक संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और लगातार स्वस्थ आदतें वजन प्रबंधन के लिए ज्यादा टिकाऊ तरीका हो सकती हैं।

निष्कर्ष

पुरुषों का वजन कुछ परिस्थितियों में महिलाओं की तुलना में शुरुआत में तेजी से कम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि महिलाओं का फैट लॉस हमेशा धीमा रहेगा। शरीर की संरचना और हार्मोन के साथ-साथ कुल कैलोरी सेवन, एक्सरसाइज, नींद, तनाव और मेडिकल कंडीशन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसलिए वजन घटाने के दौरान दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। अगर लगातार कोशिश के बावजूद वजन कम नहीं हो रहा है या हार्मोनल/मेटाबॉलिक समस्या का संदेह है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर विकल्प है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वजन घटाने के लिए किसी भी बहुत कम कैलोरी वाली डाइट, सप्लीमेंट या नए एक्सरसाइज प्लान को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी बीमारी या दवा की स्थिति में व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दें।

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