
नई दिल्ली: हवाई चप्पल लगभग हर भारतीय घर में इस्तेमाल की जाती है। सस्ती, आरामदायक और टिकाऊ होने के कारण यह रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन्हें ‘हवाई चप्पल’ क्यों कहा जाता है? आखिर इस नाम में शामिल ‘हवाई’ शब्द का क्या मतलब है? क्या इसका संबंध हवा या हवाई जहाज से है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प कहानी।
क्या ‘हवाई’ का संबंध हवाई जहाज से है?
नाम सुनकर कई लोगों को लगता है कि हवाई चप्पल का संबंध हवा या हवाई जहाज से होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। हालांकि इन चप्पलों की वी (V) आकार की पट्टी कुछ लोगों को हवाई जहाज की आकृति जैसी लग सकती है, लेकिन इसके नाम की असली वजह कुछ और मानी जाती है।
हवाई द्वीप से जुड़ी है नाम की कहानी
लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, इन चप्पलों का नाम अमेरिका के हवाई (Hawaii) द्वीप से जुड़ा है। कहा जाता है कि शुरुआती दौर में वहां ‘टी (Ti)’ नामक पौधे और स्थानीय संसाधनों से बनी पारंपरिक चप्पलों का उपयोग किया जाता था। बाद में इसी शैली की रबर की चप्पलें लोकप्रिय हुईं और कई जगह इन्हें ‘हवाई चप्पल’ के नाम से जाना जाने लगा।
जापानी चप्पलों से मिलता है डिजाइन
इन चप्पलों का डिजाइन जापान की पारंपरिक ‘जोरी (Zori)’ और ‘गेटा (Geta)’ चप्पलों से मिलता-जुलता माना जाता है। माना जाता है कि 19वीं सदी में हवाई पहुंचे जापानी प्रवासी अपने साथ इस तरह की चप्पलें भी लेकर आए, जिसके बाद यह डिजाइन धीरे-धीरे अन्य देशों में भी लोकप्रिय हो गया।
दुनिया भर में कैसे हुई मशहूर?
समय के साथ इस डिजाइन की चप्पलें कई देशों में फैल गईं। बाद में ब्राजील की प्रसिद्ध कंपनी Havaianas ने इन्हें बड़े पैमाने पर बनाना शुरू किया, जिससे फ्लिप-फ्लॉप शैली की ये चप्पलें दुनिया भर में लोकप्रिय हो गईं।
भारत में कैसे बनी आम लोगों की पसंद?
भारत में रबर की इस तरह की चप्पलों को लोकप्रिय बनाने में Bata जैसी कंपनियों की बड़ी भूमिका रही। आज हवाई चप्पल हर वर्ग के लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है।
एक और लोकप्रिय मान्यता भी है
कुछ लोग यह भी मानते हैं कि चूंकि ये चप्पलें बेहद हल्की होती हैं, इसलिए इन्हें ‘हवाई’, यानी हवा जैसी हल्की, कहा जाने लगा। हालांकि इस दावे की ऐतिहासिक पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह व्याख्या भी काफी प्रचलित है।



