जोड़ों में दर्द को अक्सर उम्र बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह समस्या युवाओं में भी हो सकती है. आजकल कई कम उम्र के लोगों को घुटने, कंधे, कोहनी, कलाई या दूसरे जोड़ों में दर्द की शिकायत होती है. दर्द हल्का या तेज हो सकता है. इसके साथ जोड़ के आसपास सूजन, अकड़न, लालिमा या गर्माहट भी महसूस हो सकती है. कुछ लोगों को जोड़ को हिलानेडुलाने में परेशानी होती है, जबकि कई बार दर्द के कारण रोज के काम करना भी मुश्किल हो सकता है.

यह समस्या उन लोगों में ज्यादा देखने को मिल सकती है जो खेलकूद या ज्यादा शारीरिक एक्टिविटी करते हैं. जिन लोगों पर जोड़ों पर ज्यादा दबाव पड़ता है या जिनकी रोज की एक्टिविटी में लगातार एक ही तरह की मूवमेंट शामिल होती है, उनमें भी हो सकता है. कुछ लोगों में दर्द कुछ समय के लिए रहता है, जबकि कुछ में यह बारबार हो सकता है. इसलिए कम उम्र में बारबार होने वाले जॉइंट पेन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं इसके पीछे क्या वजहें हो सकती हैं और ऐसे में कब डॉक्टर से मिलना चाहिए.
कम उम्र में जॉइंट पेन होने की क्या वजह हो सकती है?
कम उम्र में जॉइंट पेन की कई वजहें हो सकती हैं. चोट, मोच या मांसपेशियों में खिंचाव से जोड़ के आसपास के टिश्यू पर असर पड़ सकता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है. गाउट में शरीर में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ में जमा होने लगते हैं, जिससे अचानक तेज दर्द और सूजन हो सकती है. रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्यूनिटी क्षमता गलती से जोड़ों पर असर डालती है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है.
ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरेधीरे घिसने लगता है, जिससे हड्डियों की मूवमेंट में परेशानी और दर्द हो सकता है. इसके अलावा ल्यूपस, फाइब्रोमायल्जिया, टेंडिनाइटिस, थायरॉइड की समस्या और कुछ वायरल इंफेक्शन भी जॉइंट पेन की वजह बन सकते हैं.
जॉइंट पेन होने पर कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर जॉइंट पेन के साथ जोड़ में सूजन, लालिमा, ज्यादा गर्माहट या बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह लें. चोट लगने के बाद जोड़ का आकार बदल गया हो, अचानक बहुत ज्यादा सूजन आ गई हो या दर्द इतना तेज हो कि जोड़ को हिला न पाएं, तो तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है.
हल्का दर्द कभीकभी आराम से ठीक हो सकता है, लेकिन दर्द बारबार हो रहा है या लगातार बना हुआ है, तो इसकी वजह जानने के लिए जांच करानी चाहिए. खुद से लंबे समय तक दर्द की दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.



