हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के थाटीपुर इलाके में स्थित एक क्लीनिक में उस वक्त हड़कंप मचा गया, जब डॉक्टर का इंतजार कर रहे एक युवर के हाथ में रखें मोबाइल फोन में अचानक जोरदार धमाका हुआ।

मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहा था और वह आराम से फोन चला रहा था, तभी अचानक से डिवाइस से धुंआं निकला और पलभर में आग की लपटें उठने लगीं।
वो तो युवक ने तुरंत ही समझदारी दिखाते हुए फोन को जमीन पर फेंक दिया, जिससे उसकी जान बालबाल बच गई है। आजकल इस तरह की मोबाइल फटने की घटनाएं काफी देखने को मिल रही है। इनसे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी जरुरी है। आइए आपको आखिर में मोबाइल में ऐसे अचानक विस्फोट क्यों होते हैं और इनसे कैसे बचें, बताते हैं।
मोबाइल में धमाका क्यों होता है?
अक्सर स्मार्टफोन में अचानक से धमाका होने के पीछे महत्वपूर्ण कारण बैटरी का खराब होना। फोन का लंबे समय तक गर्म रहना यानी ओवरहीटिंग होना या फिर इसके आंतरिक सर्किट में शॉर्ट सर्किट आना होता है।
जब बैटरी की सेहत ज्यादा ही खराब हो जाती है, तो रासायनिक असुंतलन के कारण इस तरह के खतरनाक हादसे देखने को मिलते हैं।
लोकल चार्जर का क्या असर?
असली या फिर कंपनी के ओरिजिनल चार्जर के जगह बाजार में मिलने वाले सस्ते और लोकल चार्जर या घटिया क्वालिटी की डेटा केबल से फोन चार्ज करने पर बैटरी पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है।
वैसे इस गलत तरीके से बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट होने और फोन में आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गेमिंग और ओवरयूज की वजह?
लंबे समय तक घंटों तक फोन पर भारीभरकम और हाइग्राफिक्स वाले गेम खेलने या फिर चार्जिंग के समय फोन पर लंबी बातचीत करने व वीडियो देखने से प्रोसेसर और बैटरी पर अत्यधिक लोड पड़ता है।
इसके लगातार इस्तेमाल से बैटरी जरुरत से ज्यादा गर्म हो जाती है, जो कि विस्फोट का बड़ा कारण बन जाता है।
बचाव के लिए क्या करें?
हमेशा फोन को उसके अपने प्रमाणित और ओरिजिनल चार्जर से ही चार्ज करें।
फोन को कभी भी रातभर चार्जिंग पर न छोड़ें और अगर डिवाइस इस्तेमाल करते समय फोन ज्यादा गर्म हो रहा है, तो उसका प्रयोग तुरंत कुछ देर के लिए पूरी तरह बंद कर दें।



