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‘मेरे बिना नहीं रह पाएंगे’, दो बच्चों की हत्या के बाद महिला ने दी जान, आखिरी नोट में लिखी यह बात…

‘मेरे बिना नहीं रह पाएंगे’, दो बच्चों की हत्या के बाद महिला ने दी जान, आखिरी नोट में लिखी यह बात…

तेलंगाना के विकाराबाद जिले के आदवी वेंकटापुरम गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 32 वर्षीय नबनीता नामक महिला ने कथित तौर पर पहले अपने 6 वर्षीय बेटे और 4 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी, इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। नोट में महिला ने लिखा है कि उसकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। उसने यह भी बताया है कि उसने अपने बच्चों की जान इसलिए ली क्योंकि वे उसके बिना नहीं रह पाते। साथ ही, उसने स्पष्ट किया कि इस घटना के लिए उसका पति जिम्मेदार नहीं है।

पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

दिल्ली में पिता-बेटे की मौत

गौरतलब है कि बीते दिनों दिल्ली से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां के ज्योति नगर इलाके में शनिवार को एक घर से 54 वर्षीय व्यक्ति और उसके 13 वर्षीय बेटे के शव बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान प्रवीण शर्मा (54) के रूप में हुई है। पुलिस को संदिग्ध आत्महत्या की सूचना मिली, जिसके बाद ज्योति नगर थाने की टीम चज्जूपुर स्थित घर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि प्रवीण शर्मा का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था।

वहीं, उनका 13 वर्षीय बेटा उसी कमरे में बिस्तर पर मृत अवस्था में मिला। घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है। संभावना है कि कर्ज से परेशान होकर प्रवीण ने पहले अपने बेटे की हत्या की। फिर खुद जान दे दी। प्रवीण पत्नी मौत के बाद से काफी परेशान रहने लगे थे।

अस्वीकरण: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव, अवसाद, आत्महत्या के विचारों या किसी भावनात्मक संकट से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत किसी विश्वसनीय परिवारजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है और समय पर सहायता मिलने से जीवन बचाया जा सकता है। इस खबर का उद्देश्य केवल घटना की जानकारी देना है, किसी भी प्रकार से आत्महत्या या हिंसा को बढ़ावा देना नहीं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 या 1-800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है।

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