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Women Health: गर्मियों में बढ़ जाता है पीरियड्स पेन, इन 10 उपायों से मिलेगी राहत

Periods Pain Summer Relief: गर्मियों में जब बाहर का तापमान बढ़ता है, तो हमारे शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है और इसके साथ ही कई हेल्थ संबंधी समस्याएं भी शुरू हो जाती है। महिलाओं के लिए यह समय और भी अधिक कठिन हो जाता है।

Women Health: गर्मियों में बढ़ जाता है पीरियड्स पेन, इन 10 उपायों से मिलेगी राहत
Women Health: गर्मियों में बढ़ जाता है पीरियड्स पेन, इन 10 उपायों से मिलेगी राहत

गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन व थकान से हमारे शरीर में एनर्जी कम होती है। के दौरान हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिससे ब्लड फ्लो अधिक होता है।  इससे हमारा शरीर थका हुआ औऱ चिड़चिड़ा महसूस करता है। महिलाओं में पीरियड्स एस्ट्रोजोन और प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन से कंट्रोल होते है।

इससे राहत के लिए इन 10 उपायों को अपनाया जा सकता है

  • पीरियड्स के दौरान बैड स्मेल और खुजली की समस्या से बचने के लिए लाइट औऱ कॉटन पैंटी का ही इस्तेमाल करें। यह सॉफ्ट और हवादार फैब्रिक होता है।
  • गर्मियों में साफसफाई का बहुत ध्यान रखें। अपने जेनाइटल पार्टस की अच्छे से सफाई करें और साथ ही अपने अंतः वस्त्रों को भी अच्छे से साफ करें।
  • पीरियड्स के दौरान हर 34 घंटे में सैनिटरी नैपकिन जरूर बदलें। इससे इंफेक्शन से बचे रहेंगे।
  • इस समय सबसे जरूरी होता है अपने शरीर को हाइड्रेट रखना। जिसके लिए दिनभर में खूब पानी पीना चाहिए। ऐसी सब्जियों व फलों का सेवन करें, जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसेतरबूज, अंगूर, खरबूजा आदि।

जंक फूड का सेवन न करें

  • इसके साथ ही हल्का और ताजा खाना खाएं। बहुत ज्यादा मसालेदार या तला हुआ खाना खाने से बचें, इससे दर्द और बढ़ा सकता है।
  • इस दौरान राहत के लिए पेट पर हीटिंग पैड रख सकते है, इससे काफी हद तक आराम मिलता है। साथ ही जिंजर टी भी लिया जा सकता है।
  • हल्की स्ट्रेचिंग और योग की मदद से भी पीरियड्स पेन को कम किया जा सकता है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्रीष्म ऋतु  में ज्यादा चाय और कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं। इससे भी दर्द बढ़ सकता है।
  • अगर आपको रैशेज की समस्या होती है, तो खूशबू वाले पैड्स को अवॉयड करें और मार्केट में उपलब्ध बगैर खूशबू वाले पैड्स का इस्तेमाल करें।
  • पीरियड्स के लिए टेंपॉन्स या मेंसुरल कप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे बारबार पैड बदलने के झंझट से बचा जा सकता है।

इन सबके बाद भी अगर कोई समस्या होती है, तो बिना देर किए डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए। यह स्वास्थ्य से संबंधित सेंसेटिव मामला है, इसलिए या कहीं और से मदद न लें।

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