Lucknow: उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए आज का दिन बेहद अहम साबित हुआ हैं। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिपरिषद का विस्तार संपन्न हुआ। इस विस्तार में भाजपा ने आगामी चुनौतियों को देखते हुए सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा है।

मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुल 8 चेहरों ने शपथ ली, जिनमें दो दिग्गज नेताओं ने जिनमें भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनोज पांडे का कैबिनेट में शामिल होना ब्राह्मण वोटों को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रमोशन और नए चेहरों का संगम
योगी सरकार ने अपने दो मौजूदा राज्य मंत्रियों पर भरोसा जताते हुए उनका कद बढ़ाया है। सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल को राज्य मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया है।
वहीं, मंत्रिपरिषद में 6 नए चेहरों को शामिल कर पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है। कृष्णा पासवान, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ लेकर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राजभवन में उत्साह का माहौल दिखा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नए मंत्रियों को बधाई दी।
मिशन 2027 की तैयारी?
जानकारों का मानना है कि इस विस्तार के जरिए भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक के समीकरणों को दुरुस्त किया है। दलित, पिछड़ा और ब्राह्मण चेहरों को तवज्जो देकर सरकार ने अपनी समावेशी छवि को और मजबूत करने का प्रयास किया है।



