योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को होगा. दोपहर बाद जनभवन में छह विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम 6:30 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की. इसके बाद जनभवन में शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज कर दी गईं. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण भी साधने की कोशिश होगी.

छह विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. दो कैबिनेट मंत्री और 4 राज्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से आए ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक सुरेन्द्र सिंह दिलेर, फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान और कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. इसके साथ ही वाराणसी के रहने वाले हंसराज विश्वकर्मा भी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे.
मंत्रिमंडल विस्तार में दलित, पिछड़ों पर ज्यादा फोकस किया जाएगा. योगी सरकार में अभी 54 मंत्री काम कर रहे हैं. विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़कर 60 हो सकती है. कैबिनेट विस्तार में उन इलाकों को कवर करने की कोशिश होगी, जिनको साधकर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को तैयार कर सकती है.
इसमें अखिलेश यादव से नाराज विधायकों को भी जगह मिल सकती है. पहले कैबिनेट में कुछ मंत्रियों को हटाकर फेरबदल करने की संभावना जताई जा रही थी. हालांकि, अब किसी भी मंत्री को हटाए जाने की संभावनाओं से इनकार किया जा रहा है.
बढ़ सकता है कुछ का कद
सूत्रों का दावा है कि तीन मंत्रियों के कामकाज में बदलाव हो सकता है. समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, गन्ना विकास राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का कद बढ़ सकता है. कुछ मंत्रियों के विभाग में कटौती भी हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों को रविवार दो बजे तक लखनऊ पहुंचने को कहा गया है.
2024 में हुआ था पहला विस्तार
योगी सरकार 2.0 का पहला कैबिनेट विस्तार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 5 मार्च 2024 को हुआ था. इसमें सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के अलावा दारा सिंह चौहान, सुनील शर्मा व अनिल कुमार को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी.



