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चाय के खर्च में बन सकते हैं लखपति! रोज के सिर्फ 16 रुपये की SIP से ऐसे तैयार करें लाखों का फंड

SIP: जब भी हम निवेश या वेल्थ क्रिएशन यानी संपत्ति बनाने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है कि इसके लिए हर महीने हजारों या लाखों रुपये की जरूरत पड़ेगी. आमदनी कम होने के कारण कई लोग निवेश की शुरुआत ही नहीं कर पाते हैं. लेकिन, निवेश की वास्तविक दुनिया इस धारणा से बिल्कुल अलग है.म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आज के समय में आम निवेशकों के लिए एक ऐसा बेहतरीन और सुरक्षित टूल बनकर उभरा है, जिसने निवेश के मायने बदल दिए हैं.

चाय के खर्च में बन सकते हैं लखपति! रोज के सिर्फ 16 रुपये की SIP से ऐसे तैयार करें लाखों का फंड

अब आपको बड़ा फंड बनाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं है. आप अपनी पॉकेट मनी या रोजमर्रा के मामूली खर्चों से बचाए गए पैसों से भी भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक ढांचा खड़ा कर सकते हैं. दिन के महज 16 से 35 रुपये का नियमित निवेश, कम्पाउंडिंग की ताकत और रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग के जरिए लंबी अवधि में लाखों रुपये का कॉर्पस तैयार कर सकता है.

सिर्फ 16 रुपये की बचत का जादुई गणित

अगर आप भारीभरकम रकम निवेश नहीं कर सकते, तो शुरुआत हर महीने मात्र 500 रुपये की सिप से की जा सकती है. अगर इसे रोजाना के हिसाब से देखें, तो यह सिर्फ 16 से 17 रुपये बैठता है. आज के समय में एक कप चाय की कीमत भी इससे ज्यादा होती है. इतनी छोटी रकम से भी कम्पाउंडिंग की ताकत आपके लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकती है.

अगर आप 12 प्रतिशत के अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से लगातार 10 साल तक निवेश करते हैं, तो इन दस सालों में आपकी जेब से कुल 60,000 रुपये का निवेश होगा. वहीं इस जमा पूंजी पर आपको करीब 56,169 रुपये का अनुमानित रिटर्न मिलेगा. इस तरह दस साल बाद आपका कुल फंड 1,16,169 रुपये हो जाएगा.

अगर आप इसी निवेश को 15 साल तक बिना रुके चलाते हैं, तो आपका कुल निवेश 90,000 रुपये होगा. लेकिन कम्पाउंडिंग के असर से इस पर 1,62,288 रुपये का रिटर्न मिलेगा, जिससे कुल पैसा बढ़कर लगभग 2.52 लाख रुपये हो जाएगा. वहीं, अगर आप 25 साल के लंबे नजरिए से इस निवेश को जारी रखते हैं, तो आपकी तरफ से जमा की गई कुल राशि 1.50 लाख रुपये होगी. इस पर आपको 7,98,807 रुपये का भारीभरकम अनुमानित ब्याज मिलेगा. इस तरह आपका कुल कॉर्पस आसानी से 9.50 लाख रुपये के करीब पहुंच जाएगा.

33 रुपये का निवेश तैयार करेगा भारी कॉर्पस

निवेश की रकम में किया गया एक छोटा सा बदलाव आपके आर्थिक लक्ष्यों को कई गुना तेजी से पूरा कर सकता है. अगर आप 500 रुपये की जगह अपने निवेश को दोगुना करके महीने का 1,000 रुपये कर देते हैं, तो लंबी अवधि में इसका असर वाकई चौंकाने वाला होता है. रोजाना के हिसाब से यह बचत सिर्फ 33 रुपये के आसपास होती है.

आंकड़ों के मुताबिक, 1,000 रुपये की मासिक सिप को अगर 25 वर्षों तक लगातार जारी रखा जाए, तो इतने सालों में आपकी तरफ से कुल 3 लाख रुपये का निवेश किया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि इस छोटी सी पूंजी पर आपको 15.97 लाख रुपये से अधिक का सिर्फ ब्याज मिलेगा. यानी 25 साल बाद जब आपका यह निवेश मैच्योर होगा, तो आपके पास करीब 19 लाख रुपये की एक बड़ी रकम मौजूद होगी. यह साबित करता है कि बड़ा फंड बनाने के लिए निवेश की जाने वाली रकम से कहीं ज्यादा अहमियत निवेश के समय की होती है.

12% अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर SIP कैलकुलेशन

मंथली SIPसमय कुल जमा राशि अनुमानित रिटर्न/ब्याज कुल संभावित फंड
₹50010 वर्ष60,00056,1691,16,169
₹50015 वर्ष90,0001,62,2882,52,288
₹50025 वर्ष1,50,0007,98,8079,48,807
₹1,00010 वर्ष1,20,0001,12,3392,32,339
₹1,00015 वर्ष1,80,0003,24,5765,04,576
₹1,00025 वर्ष3,00,00015,97,61418,97,614

बाजार की मंदी में छिपा है मुनाफे का राज

शेयर बाजार के उतारचढ़ाव को देखकर अक्सर नए निवेशक घबरा जाते हैं. कई बार जब बाजार गिरता है, तो लोग डरकर अपनी चल रही सिप को बंद कर देते हैं. एक निवेशक के तौर पर यह सबसे बड़ी गलती साबित होती है. दरअसल, म्यूचुअल फंड में रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का नियम काम करता है. मंदी के दौर में जब बाजार नीचे होता है, तो आपके उसी पैसे से म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स आवंटित होती हैं. बाद में जब बाजार वापस अपनी तेजी के ट्रैक पर लौटता है, तो सस्ते में खरीदी गई यही अतिरिक्त यूनिट्स आपके रिटर्न को कई गुना बढ़ा देती हैं. इसलिए गिरावट के समय निवेश रोकना नहीं, बल्कि उसे जारी रखना चाहिए.

निवेश की शुरुआत में ध्यान रखने वाली बातें

वित्तीय जानकारों का मानना है कि आप जितनी कम उम्र में निवेश की शुरुआत करेंगे, कम्पाउंडिंग का फायदा आपके पक्ष में उतना ही बेहतर तरीके से काम करेगा. समय के साथ जैसेजैसे आपकी आय बढ़े, आपको अपने निवेश को भी उसी अनुपात में बढ़ाना चाहिए. अपनी सिप की राशि में हर साल कम से कम 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर करें. यह एक बेहद कारगर तरीका है, जिससे आपका फंड आपकी उम्मीद से भी बहुत जल्दी बड़ा हो जाएगा और आप अपने वित्तीय लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकेंगे.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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