
ट्रेन की यात्रा बाकी वाहनों के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक और सस्ती मानी जाती है. इसमें सोने-बैठने की अच्छी व्यवस्था होती है. लेकिन कई बार न चाहते हुए भी आपके सामने समस्याएं खड़ी हो जाती हैं. टिकट न होने पर आपको फाइन देना पड़ता है या टीटी आपको ट्रेन से उतार देता है. लेकिन क्या आपको पता है कि टीटी महिलाओं या नाबालिग बच्चे को रात के समय ट्रेन से नहीं उतार सकता. आइये आपको बताते हैं क्या कहता है रेलवे का नियम.
क्या हैं टिकट से जुड़े नियम
आपको जल्दी में ट्रेन पकड़ना पड़ा है और आप टिकट नहीं ले पाए हैं तो घबराने की बात नहीं है. आप टीटी से बात कर के जनरल टिकट बनवा सकते हैं. रात में 10 बजे के बाद और सुबह 6 बजे तक टीटी आपको टिकट चेक करने के लिए परेशान नहीं कर सकता. अगर कोई टीटी आपके साथ ऐसा करता है तो आप उसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 139 पर कर सकते हैं. हालांकि अगर आप रात में ही ट्रेन में चढ़े हैं तो ये जरूरी है कि आपका टिकट चेक किया जाए, आप इससे टीटी को नहीं रोक सकते. रेलवे सुरक्षा अधिनियम की धारा 139 के तहत ये कानून है कि टिकट न होने पर टीटी किसी भी महिला या नाबालिक बच्चे को रात में ट्रेन से नहीं उतार सकता. अगर कोई टीटी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
मिडिल बर्थ का कब करें इस्तेमाल
ट्रेन में सोने के लिए मिडिल बर्थ का इस्तेमाल आप रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर सकते है. इससे कोई आपको रोक नहीं सकता. लेकिन दिन में आप लोगों को बैठने से नहीं रोक सकते. अगर आप दिन में लोगों को बैठने से रोकते हैं तो टीटी आपके ऊपर कार्रवाई कर सकता है. आपका यात्रा के दौरान कहीं और जाने का प्लान बन गया है और आप अपनी यात्रा बढ़ाना चाहते हैं तो चिंता की बात नहीं है, आप टीटी से बात कर आगे की यात्रा के लिए उपयुक्त पैसों पर टिकट ले सकते हैं. अगर आपकी ट्रेन छूट जाए या आप कहीं और से आने या लेट से अपने सीट पर पहुंचे तो कोई बात नहीं, आपकी सीट तुरंत किसी को नहीं दी जाती. टीटी कुछ समय तक आपके आने का इंतजार करता है.
रेलवे के खास नियम
दूसरों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आप रात में तेज गाना बजाना, स्पीकर पर बात करना, तेज वीडियो देखना या ऐसा कोई काम जिससे दूसरों को परेशानी हो, ऐसा काम नहीं कर सकते. किसी भी नियम के पालन न होने पर, या किसी प्रकार के शिकायत के लिए आप आरपीएफ या जीआरपी पुलिस के पास शिकायत कर सकते हैं. ध्यान रहे, ये पुलिस कभी आपका टिकट नहीं चेक करती. यह केवल यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है. अगर कोई अधिकारी गैरकानूनी तरीक से परेशान करता है तो आप उसकी शिकायत रेलवे हेल्पलाइन पर कर सकते हैं.



