Mandla News: कहते हैं भाई-भाई का रिश्ता अटूट विश्वास और सुरक्षा की ढाल होता है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो रूह कांप उठती है. मध्य प्रदेश के मंडला में एक सगे भाई ने इस पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया. यहां एक कलयुगी भाई ने नफरत की ऐसी इबारत लिखी जिसे सुनकर आप दहल जाएंगे. महज आपसी रंजिश में बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की सोते समय कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की और फिर कसाई की तरह उसके शरीर के 9 टुकड़े कर घर के सेप्टिक टैंक में छिपा दिए. 6 दिनों तक वो कातिल भाई अपने ही भाई की लाश के ऊपर चैन की नींद सोता रहा. आखिर बदबू ने इस खौफनाक राज से पर्दा उठा दिया.

घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से आ रही थी दुर्गंध
जानकारी के मुताबिक, मृतक आशीष साहू के परिजनों ने काफी तलाश के बाद 15 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 17 अप्रैल को मृतक के पिता मुन्ना लाल साहू को घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से तेज दुर्गंध आई. शक होने पर जब पुलिस की मौजूदगी में टैंक को खुलवाया गया तो अंदर का नजारा देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए. बोरी और कपड़ों में लिपटे हुए शव के कई टुकड़े तैर रहे थे. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को बाहर निकाला, जिसकी शिनाख्त बेटे आशीष के रूप में हुई.
–
सबूत मिटाने के लिए किए 9 टुकड़े
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर बड़े भाई घनश्याम साहू पर संदेह गहराया. बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो हाल ही में आशीष द्वारा नया ट्रैक्टर खरीदकर काम शुरू करने के बाद और बढ़ गया. आरोप है कि घनश्याम ने आशीष पर सोते समय धारदार हथियार से हमला किया. इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव के नौ टुकड़े कर दिए और पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसे सेप्टिक टैंक में डाल दिया, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया.
2019 से मां भी है लापता!
इस हत्याकांड ने एक पुराने जख्म को भी हरा कर दिया है. परिजनों के अनुसार, इन दोनों भाइयों की मां भी साल 2019 से रहस्यमयी ढंग से लापता है. आशीष की इस नृशंस हत्या के बाद अब पुलिस उस पुराने मामले को भी इस एंगल से जोड़कर देख रही है. क्या मां के गायब होने के पीछे भी कोई खूनी राज छिपा है? पुलिस अब इसकी भी तहकीकात कर रही है.
भाई-भाई में अक्सर होता था विवाद
इसके साथ ही मृतक के पड़ोसी गोविंद का कहना है कि इस घटना के बाद पूरा गांव सन्न है. बोलने के लिए शब्द ही नहीं बचे. आशीष सीधा लड़का था, काम से काम रखता था. बड़े भाई के साथ उसकी अनबन रहती थी, लेकिन कोई इतना गिर जाएगा कि भाई के टुकड़े कर दे, ये कभी सोचा नहीं था. वहीं पड़ोसी कैलाश पटेल ने बताया कि घर से बदबू आने के बाद पुलिस आई थी. 11 तारीख से लड़का दिख नहीं रहा था. इनके परिवार में पहले भी मां गायब हो चुकी है और अब ये कांड हो गया. मुझे लगता है कि मां की भी हत्या इसी ने न की हो. इसकीं भी जांच होनी चाहिए और आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
वहीं पूरे मामले में एडिसनल एसपी मंडला शिव कुमार वर्मा का कहना है कि हमें सूचना मिली थी कि सेप्टिक टैंक में संदिग्ध वस्तु है. जांच करने पर आशीष साहू का शव टुकड़ों में बरामद हुआ. FSL की टीम साक्ष्य जुटा रही है. संदेह के आधार पर बड़े भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जल्द ही मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा.
फिलहाल, एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम जांच कर रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी भाई घनश्याम से कड़ाई से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड में घनश्याम के साथ कोई और भी शामिल था.



