
भारतीय रसोई में औषधीय गुणों का खजाना माना जाने वाला कड़ी पत्ता और नीम की पत्तियां सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। नीम का पत्ता खून साफ होने से लेकर स्किन में निखार तक में असरदार साबित होता हैं। करी पत्ता का सेवन हम लोग दाल-सब्जी में छौंक लगाने के लिए और कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में आयुर्वेदिक दवा के रूप में करते हैं। भारतीय खानपान में करी पत्ता और नीम को जड़ी-बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। करी पत्ते का सेवन आमतौर पर रोजाना पके हुए खाने में किया जाता है, जबकि नीम की पत्तियों का इस्तेमाल उनके बेहद कड़वे स्वाद और उनमें मौजूद जैव सक्रिय यौगिकों के कारण काफी कम मात्रा में किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि पोषण और सेहत के लिहाज से इन दोनों में से किसे अपनी डाइट में शामिल करना बेहतर है?
कंसल्टेंट डाइटिशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने Indianexpress को बताया करी पत्ता विटामिन ए, बी, सी और विटामिन ई के साथ बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा ये इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार के जरिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होता है। इसमें मौजूद आयरन और प्रोटीन के कारण ये बालों की ग्रोथ को सपोर्ट करने में भी अहम किरदार निभाता है।
वहीं, नीम की पत्तियों में निम्बिन, एजाडिरेक्टिन और क्वेरसेटिन सहित 140 से अधिक जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। इनमें जीवाणुरोधी, विषाणुरोधी, फफूंदरोधी और सूजन कम करने वाले गुण भी मौजूद हैं। नीम का इस्तेमाल खून साफ करने, इम्युनिटी बढ़ाने, स्किन को इंफेक्शन से बचाने और बुखार में किया जाता है।
रोजाना डाइट में करी पत्ता और नीम का कैसे करें सेवन?
डाइटिशियन कनिका मल्होत्रा के अनुसार, करी पत्ते को दाल, सब्जी, चटनी और तड़का में शामिल किया जा सकता है। इसे सामान्य भोजन का हिस्सा बनाना आसान है। हालांकि, खाली पेट कड़ी पत्ता खाने या इसकी चाय बनाकर पीना सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। नीम की पत्तियों के मामले में ज्यादा सावधानी जरूरी है। इनका कड़वा स्वाद और इनमें मौजूद जैव सक्रिय यौगिक इन्हें कड़ी पत्ते से अलग बनाते हैं। नीम की पत्तियों का नियमित सेवन, इनका रस पीना या खाली पेट खाना हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं हो सकता। बिना डॉक्टर की सलाह के नीम की पत्तियों या उनके रस को रोजाना अपनी डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए।
कड़ी पत्ता और नीम की पत्तियां खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
कड़ी पत्ता का सेवन डायबिटीज मरीज कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से करें। अगर आप डायबिटीज कंट्रोल करने की दवा खा रहे हैं साथ ही करी पत्ता भी खाते हैं तो डॉक्टर की सलाह लें। दवा के साथ करी पत्ता का रेगुलर सेवन हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ा सकता है, यानी इसे खाने से आपकी ब्लड शुगर काफी कम हो सकती है।
नीम की पत्तियों का सेवन प्रेग्नेंट महिलाएं, ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं, बच्चे और क्रॉनिक बीमारियों से जूझ रहे लोग डॉक्टर की सलाह से करें।अगर आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं, तो किसी भी हर्ब का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
करी पत्ता या नीम, कौन सा पत्ता है बेहतर?
रोजमर्रा के खानपान में करी पत्ता शामिल करना ज्यादा बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसे डेली डाइट में आसानी से अपने खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरी ओर, नीम की पत्तियों को औषधीय लाभ के लिए नियमित रूप से खाने से पहले उसके फायदे और जोखिमों को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। कड़ी पत्ते और नीम की पत्तियों से जुड़े कुछ स्वास्थ्य लाभों पर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है। किसी भी हर्ब को बीमारी के इलाज या दवाओं के विकल्प के रूप में इस्तेमाल न करें। नियमित सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।



