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बालिका संरक्षण गृह में बालिका की हत्या की घटना से सुरक्षा व्यवस्था एवं कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। 14 वर्षीय किशोरी शिवानी की पानी में डुबोकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब काउंसलिंग चल रही थी और सुरक्षा में तैनात नौ महिला होमगार्ड भी मौजूद थीं। इस घटना ने बालिका संरक्षण गृह की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शिवानी बरेली की रहने वाली थी। उनको 17 जून को इस बालिका गृह में रखा गया था। शुक्रवार दोपहर साढ़े तीन बजे अन्य किशोरियों ने उसे बाथरूम में अचेत पाया। उसे मायावती संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मृत्यु का कारण बताया गया।
सीसीटीवी चेक हुआ तो सामने आई लापरवाही
सीसीटीवी फुटेज में शुक्रवार सुबह 11:08 बजे शिवानी के साथ तीन किशोरियां बाथरूम में गईं। करीब 11:30 बजे एक अन्य किशोरी बाथरूम का दरवाजा खोलकर अंदर झांकती है और फिर बाहर जाकर बिस्तर पर बैठ जाती है। 11:48 बजे, शिवानी को छोड़कर अन्य किशोरियां बाहर आ गईं।
इसके बाद शाम पांच बजे, पांच किशोरियों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। इस घटना के बाद भी सुरक्षा में तैनात महिला गार्डों को कुछ पता नहीं चला।
शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। यह स्पष्ट हुआ कि वारदात के समय काउंसिलिंग चल रही थी, लेकिन किशोरियों की गिनती नहीं की गई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है।
काउंसिलिंग के दौरान किशोरियों की गैर मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। जब शिवानी की मृत्यु की खबर मिली, तो आरोपित किशोरियां अन्य लड़कियों को गुमराह करने लगीं और न्याय की मांग के लिए प्रदर्शन करने लगीं।
इससे पहले भी 26 जनवरी की रात पांच लड़कियां छत के रास्ते भाग गईं, लेकिन इसकी भनक भी अधीक्षिका और अन्य कर्मचारियों को नहीं लगी। पूर्व में हुई तोड़फोड़ के मामले में वृंदावन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बाल कल्याण समिति भी कराई जांच, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
बालिका की हत्या के प्रकरण का जांच बाल कल्याण समिति द्वारा भी अपने स्तर पर कराई जाएगी। अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने बताया कि वह दो दिन से लखनऊ में थे। घटना की उनको सूचना तक नहीं दी गई। ऐसे में समिति अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगी। इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की निगरानी में अलग कमरे में रखी आरोपित किशोरियां
हत्या की वारदात सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी में पांचों आरोपित किशोरियों को संरक्षण गृह में अलग कमरे में रखा गया है। वारदात को दो किशोरियों ने अंजाम दिया है, जबकि अन्य ने साथ देकर पूरे प्रकरण को छिपाया और साक्ष्य मिटाने में मदद की। अधीक्षिका प्रगति खरे ने पांच नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।



