
लखनऊ:बाराबंकी, अमृत विचार: मानसून की विदाई के बाद बने बारिश के मौसम ने किसानों पर कहर ढा दिया। तेज हवा ने लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का साथ देते हुए धान की फसल को खेतों में लिटा दिया। महीनों की मेहनत बेकार जाते देख किसान माथे पर हाथ धरे बैठा है और कुदरत के इस रूप को लेकर हैरान परेशान है। बारिश न थमी तो करीब दो लाख रकबे में लगी फसल के तबाह होने के आसार बढ़ गए हैं। आलम यह कि किसानों ने फसल नष्ट मानकर मुआवजे की मांग शुरु कर दी है। उधर हर साल गहरे जख्म देते रहे सितंबर माह के अंत में इस बारिश ने शहरवासियों को चौकन्ना कर दिया है। कल स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया। उधर झमाझम बारिश से ऐसा पारा लुढ़का कि घरों में पंखे बंद हो गए और सर्दी का एहसास होने लगा। जिले भर में यातायात व जनजीवन पर गहरा असर पड़ा, तमाम जगहों पर पेड़ गिरे तो कच्चे घरों पर खतरा मड़राने लगा है।
चौतरफा घिरा किसान, खतरे में धान समेत कई फसलें
लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की फसल पककर तैयार होने के कगार पर है, लेकिन तेज हवा के चलते कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भरने से गन्ना, मक्का और सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों को गिरी फसल में दाने की गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। रामनगर तहसील के नचना, बरुआ, तिलोकपुर समेत आसपास के गांवों में गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। वहीं सूरतगंज क्षेत्र में भी कई किसानों के खेतों में धान की फसल पूरी तरह गिर गई। किसानों रवि शुक्ला, सुरेंद्र तिवारी, मनमोहन, निजामुद्दीन, अनिल और मोहम्मद सईद ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के करीब थी। अब खेतों में पानी और कीचड़ होने से कटाई में भी परेशानी होगी। लगातार पानी जमा रहा तो गिरी हुई फसल के सड़ने और दाने की गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों का कहना है कि इस फसल में खाद, बीज, सिंचाई, जुताई और मजदूरी पर काफी खर्च हुआ है। रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के वजीउद्दीनपुर, महुलारा, भेन्दुवा, पिपरिहा, मुरारपुर, धुनौली ठाकुरान, मेडुवा, तिवारीपुर और बहरेला डीह समेत कई गांवों में भी धान की फसल तेज हवा से खेतों में बिछ गई। किसानों के मुताबिक फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होने के साथ कटाई का खर्च भी बढ़ेगा। कई किसानों ने केसीसी के जरिए ऋण लेकर फसल तैयार की है। किसानों ने प्रशासन से फसली नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है। तेज हवाओं से कुछ स्थानों पर पेड़ भी धराशायी हुए हैं।
शहरवासी हुए चौकन्ने, याद आ गया 2023
हर साल सितंबर महीना शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों को चौंकाता आया है। 2023 में जमुरिया नाले में आए सैलाब से जलमग्न हुए आधे शहर के बाशिंदे सितंबर माह में चौंक जाते हैं। वही दशा इस बार भी है, मानसून की विदाई होने के बावजूद अचानक बारिश ने सभी के कान खड़े कर दिए हैं, वजह यह भी मानसून में लगातार बारिश नहीं हुई पर फिलहाल की बारिश करीब 24 घंटे से रुक रुककर जारी है, अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो जमुरिया नाले को उफनाते देर नहीं लगेगी। इसके किनारे बसे लोग घड़ी घड़ी बारिश रुकने की दुआ कर रहे हैं। बहरहाल इस बारिश ने एक तरह से डर का माहौल बना दिया है और धीमी तेज होती रफ्तार लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर रही है। दूसरी ओर शहरवासी बारिश के चलते कीचड़, जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करते रहे। साफ सफाई हासिए पर रही और निचले इलाकों में मार्ग व गलियों में इस तरह पानी भरा कि निकलना दूभर हो गया। बारिश का ही असर रहा कि हर शुक्रवार लगने वाली सट्टी बाजार नहीं लग सकी, लोगबाग घरों में ही दुबके रहे और बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
बाराबंकी समेत 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने शनिवार सुबह तक बाराबंकी समेत प्रदेश के 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी बारिश के साथ गरजचमक, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अलर्ट वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या शामिल हैं। मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को पहले से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 112 पुलिस वाहनों के पीए सिस्टम और सायरन के माध्यम से लोगों तक तत्काल सूचना पहुंचाने को कहा गया है। ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को भी अपने पीए सिस्टम से समयसमय पर रेड और ऑरेंज अलर्ट की जानकारी लोगों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
डरने जैसी कोई बात नहीं डीएम
भारी बारिश को लेकर चिंतित शहरियों को बेफिक्र करते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि जमुरिया नाले का बहाव सामान्य है, अतिरिक्त फ्लो जैसी दशा नही है। शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश कर दिया गया है। नगर पालिका परिषद को जलभराव वाले इलाकों में टीमें लगाकर साफ सफाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होने यह भी बताया कि बारिश थमने के बाद किसानों को हुए फसल के नुकसान का आकलन करके मुआवजे पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्ट : अर्पित शुक्ल
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