
केरल: प्रकृति में कई ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जो देखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन उनके भीतर मौजूद विषैले तत्व इंसानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। केरल के तटीय इलाकों में पाया जाने वाला ओथालंगा पेड़ भी ऐसा ही एक पौधा है। इसके फल और बीजों में मौजूद जहरीले तत्वों के कारण इसे अंग्रेजी में ‘सुसाइड ट्री’ के नाम से भी जाना जाता है।
आम के पेड़ जैसा दिखता है यह पौधा
ओथालंगा पेड़ को वैज्ञानिक रूप से Cerbera odollam कहा जाता है। यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है और भारत के केरल सहित कुछ तटीय इलाकों में भी मौजूद है। इसकी पत्तियां और फल देखने में सामान्य लग सकते हैं, जिसके कारण लोग इसे पहचानने में गलती कर सकते हैं।
लेकिन इसकी असली चिंता इसके भीतर मौजूद विषैले रसायन हैं। खासकर इसके बीजों में सेरबेरिन नामक जहरीला तत्व पाया जाता है, जो शरीर के हृदय संबंधी कार्यों को प्रभावित कर सकता है।
दिल की धड़कनों पर पड़ सकता है गंभीर असर
ओथालंगा के बीजों में मौजूद विषैले तत्व हृदय की विद्युत गतिविधि को प्रभावित कर सकते हैं। इसके संपर्क या सेवन से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और गंभीर स्थिति में जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।
विषाक्तता के लक्षणों में उल्टी, चक्कर, कमजोरी और हृदय की धड़कन में असामान्यता शामिल हो सकती है। लक्षण दिखाई देने में देरी भी हो सकती है, इसलिए संभावित विषाक्तता को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्यों कहा जाता है ‘सुसाइड ट्री’?
इस पेड़ को ‘सुसाइड ट्री’ कहे जाने की वजह इसके बीजों की अत्यधिक विषाक्तता और इनके सेवन से होने वाली जानलेवा घटनाएं हैं। हालांकि, यह नाम किसी पौधे की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता है; इसका अर्थ यह नहीं कि पेड़ के आसपास मौजूद रहना ही जानलेवा है। मुख्य खतरा इसके जहरीले हिस्सों को निगलने से जुड़ा है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अनजान पेड़ के फल या बीज को खाने से बचना चाहिए। बच्चों और पालतू जानवरों को भी ऐसे पौधों से दूर रखना जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति को इस पौधे के फल या बीज के सेवन का संदेह हो, तो लक्षणों का इंतजार किए बिना तुरंत अस्पताल या स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के उल्टी कराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी अज्ञात पौधे या उसके फल का सेवन न करें। संभावित विषाक्तता की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।



