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क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर ‘भरने के बाद भी खराब’ हो सकता है सिबिल स्कोर, लोन लेने में आ रही परेशानी तो इन 5 वजहों को न करें नजरअंदाज

क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाने के बावजूद अगर आपका क्रेडिट स्कोर नहीं सुधर रहा है या लगातार गिर रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अक्सर लोग मानते हैं कि समय पर बिल भरने से उनका क्रेडिट रिकॉर्ड हमेशा अच्छा रहेगा, लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है। क्रेडिट लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल, बार-बार नए कार्ड के लिए आवेदन करना और दूसरी ईएमआई में देरी जैसी गलतियां भी आपके स्कोर को प्रभावित कर सकती हैं। इसका असर भविष्य में पर्सनल लोन या होम लोन मिलने पर पड़ सकता है।

1. क्रेडिट कार्ड की लिमिट से ज्यादा खर्च करना

क्रेडिट स्कोर खराब होने की एक बड़ी वजह क्रेडिट कार्ड की उपलब्ध लिमिट का अधिक इस्तेमाल करना है। उदाहरण के लिए, अगर आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है और आप हर महीने 70 से 80 हजार रुपये खर्च करते हैं, तो पूरा बिल समय पर चुकाने के बावजूद आपके क्रेडिट रिकॉर्ड में अधिक इस्तेमाल दिखाई दे सकता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैंक क्रेडिट ब्यूरो को भुगतान और बकाया राशि से जुड़ी जानकारी भेजते हैं। रिपोर्ट तैयार होने के समय आपके कार्ड पर कितना बकाया है, इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।

इसलिए कोशिश करें कि कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का 30 प्रतिशत से कम हिस्सा इस्तेमाल करें। यह एक सामान्य वित्तीय सुझाव है, कोई अनिवार्य सीमा नहीं।

2. कम समय में कई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना

अगर आप कुछ ही दिनों या हफ्तों के भीतर कई क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है। आवेदन के दौरान बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच कर सकते हैं। कम समय में कई बार होने वाली ऐसी जांच को नए कर्ज की बढ़ती जरूरत के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।

इससे बैंक को आपके कर्ज संबंधी जोखिम का आकलन करने में फर्क पड़ सकता है। इसलिए नया कार्ड या लोन लेने से पहले अपनी जरूरत और मौजूदा वित्तीय स्थिति का आकलन करें। केवल आकर्षक ऑफर देखकर बार-बार आवेदन करने से बचना बेहतर है।

3. दूसरी ईएमआई का भुगतान समय पर नहीं करना

कई लोग क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल तो समय पर चुका देते हैं, लेकिन पर्सनल लोन, होम लोन या दूसरे कर्ज की किस्तें चुकाने में देरी कर देते हैं। इसका असर भी क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।

क्रेडिट स्कोर का आकलन करते समय केवल क्रेडिट कार्ड का भुगतान नहीं, बल्कि अन्य कर्जों का रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी लोन की ईएमआई बार-बार देर से जमा होती है, तो इसका नकारात्मक असर आपके क्रेडिट इतिहास पर पड़ सकता है।

इसलिए सभी किस्तों की तारीख याद रखें और समय पर भुगतान करें। जरूरत पड़ने पर बैंक के ऑटो-डेबिट विकल्प या मोबाइल रिमाइंडर की मदद ले सकते हैं।

4. पुराना क्रेडिट कार्ड बंद कर देना

पुराना क्रेडिट कार्ड बंद करने से आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट घट सकती है। अगर दूसरे कार्ड पर बकाया रकम बनी हुई है, तो उपलब्ध लिमिट के मुकाबले इस्तेमाल की गई रकम का अनुपात बढ़ सकता है।

इसे एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए कि आपके पास दो कार्ड हैं। पहले कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये और दूसरे की 50 हजार रुपये है। आपकी कुल क्रेडिट लिमिट 1.5 लाख रुपये हुई। यदि आप 1 लाख रुपये की लिमिट वाला कार्ड बंद कर देते हैं और दूसरे कार्ड पर 30 हजार रुपये बकाया है, तो क्रेडिट लिमिट इस्तेमाल करने का अनुपात 20 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा।

इससे आपके स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, पुराने कार्ड को बंद करने से उसका पूरा भुगतान इतिहास तुरंत खत्म हो जाए, यह जरूरी नहीं है। कार्ड बंद करने से पहले उसकी फीस, उपयोगिता और आपकी कुल क्रेडिट लिमिट पर पड़ने वाले प्रभाव को जरूर समझें।

5. क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी दर्ज होना

कई बार क्रेडिट रिपोर्ट में गलत बकाया राशि, भुगतान में देरी की गलत प्रविष्टि या एक ही कर्ज की दोहरी जानकारी दर्ज हो सकती है। ऐसी गलतियों के कारण आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है और लोन आवेदन में परेशानी आ सकती है।

इससे बचने के लिए समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें। अगर कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, तो संबंधित बैंक या क्रेडिट ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज कराएं और जरूरी दस्तावेज जमा करें। सुधार होने में कुछ समय लग सकता है, इसलिए शिकायत की स्थिति पर भी नजर रखें।

क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक्सपायरी से पहले क्या करें?

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को रिवॉर्ड पॉइंट्स की वैधता पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर पॉइंट्स समाप्त होने वाले हैं, तो केवल उन्हें इस्तेमाल करने के लिए गैर-जरूरी खरीदारी न करें। पहले अपने कार्ड की रिवॉर्ड पॉलिसी देखें और उपलब्ध विकल्पों के अनुसार पॉइंट्स का इस्तेमाल करें। इससे अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिलेगी।

750 से ज्यादा सिबिल स्कोर होने पर भी क्यों रिजेक्ट हो सकता है लोन?

अच्छा क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद लोन मंजूर होना तय नहीं है। बैंक आपकी आय, मौजूदा कर्ज, ईएमआई का बोझ, रोजगार और भुगतान क्षमता जैसे दूसरे पहलुओं की भी जांच करते हैं। इसलिए लोन आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट के साथ-साथ आर्थिक स्थिति का आकलन करना भी जरूरी है।

ध्यान रखें: क्रेडिट स्कोर बेहतर बनाए रखने के लिए समय पर बिल चुकाने के साथ क्रेडिट लिमिट का सीमित इस्तेमाल, सभी ईएमआई का नियमित भुगतान और क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य वित्तीय जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। क्रेडिट स्कोर पर वास्तविक प्रभाव संबंधित क्रेडिट ब्यूरो और स्कोरिंग मॉडल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

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