त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एयरलाइंस आमतौर पर अपनी घरेलू क्षमता बढ़ाती हैं, लेकिन इस साल स्थिति अलग है. इंडिगो और एयर इंडिया दोनों ने पिछले साल की तुलना में इस त्योहारी सीजन में अपनी क्षमता कम कर दी है, जिसकी वजह से दिवाली से पहले हवाई किराए में भारी उछाल आया है. ऐसे में उन लोगों के लिए त्योहारी सीजन में घर पहुंचना काफी महंगा हो गया है जो काफी दूर किसी दूसरे शहर में काम करते हैं. आइए आंकड़ों की मदद से इसे समझने की पूरी कोशिश करते हैं…

एयरलाइंस कम कर दी हैं अपनी सीटें
मार्केट शेयर के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो के पास 13.1 मिलियन सीटें हैं. यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.2% कम है. एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में एयरलाइन की क्षमता 11.7 मिलियन सीटें थी, जो सितंबर 2026 में घटकर 11.3 मिलियन सीटें रह गई. देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन, एयर इंडिया के पास अक्टूबर 2026 में 3.3 मिलियन सीटें हैं, जो पिछले साल की तुलना में 12.6% कम हैं. भारी वित्तीय नुकसान से जूझ रही यह एयरलाइन अपने कामकाज को फिर से व्यवस्थित कर रही है. इसने अपनी क्षमता को अगस्त 2026 के स्तर पर ही बनाए रखाजो कि आमतौर पर यात्रा के लिए एक सुस्त समय होता है. सितंबर 2026 में तो क्षमता और भी कम, यानी 3.2 मिलियन सीटें थी.
इन वजहों से महंगा हुआ हवाई सफर
क्षमता में इस कमी के कारण हवाई किराए पर और दबाव बढ़ रहा है. स्पाइसजेट ने सबसे ज्यादा—38.8% —की कटौती की है. वहीं, अकासा एयर इकलौती ऐसी एयरलाइन रही जिसने अपनी क्षमता में 35.6% की बढ़ोतरी की. जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों, भूराजनीतिक चुनौतियों और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत के बीच एयरलाइंस अपनी क्षमता को संतुलित कर रही हैं. इस महीने की शुरुआत में, जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों के कारण इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया था.
ज्यादा मांग वाले रूट
मुंबईदिल्ली रूट भारत का सबसे व्यस्त घरेलू रूट बना हुआ है, जहां 681,800 सीटें उपलब्ध हैं—जो पिछले साल के मुकाबले 7 फीसदी ज्यादा हैं. बेंगलुरु दिल्ली रूट एक बार फिर दूसरा सबसे व्यस्त घरेलू रूट बन गया है. यहां 475,100 सीटें उपलब्ध हैं, जो अक्टूबर 2025 की तुलना में 1 फीसदी कम हैं. कोलकातादिल्ली रूट पर क्षमता में सबसे तेज वृद्धि देखी गई है, जहां यह 13% बढ़कर 325,000 सीटों तक पहुंच गई है. रिपोर्टों के अनुसार, त्योहारों के दौरान यात्रा की मांग बढ़ने की वजह से कुछ घरेलू रूटों पर हवाई किराए में 70 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है.
बढ़ते किराए के बीच, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत नियम तय कर लिए गए हैं और इन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रकाशित कर दिया जाएगा. कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि 16 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में इन प्रकाशित नियमों को कोर्ट के सामने पेश किया जाए. इस साल जुलाई में, कोर्ट ने केंद्र को प्रस्तावित नियम एक सीलबंद लिफाफे में जमा करने का निर्देश दिया था और हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने के लिए कहा था.



