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​​​​​ ​​​महिला ने डेटिंग ऐप से 67 साल के बुजुर्ग से की दोस्ती, रेस्टोरेंट में किया डिनर; फिर मामला पहुंच गया थाना​​​​​​​

 नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिले में साइबर थाना पुलिस ने डेटिंग ऐप के जरिए ठगी और मोबाइल चोरी के मामले को सुलझाते हुए दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला एक 67 वर्षीय बुजुर्ग से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की एक महिला से डेटिंग ऐप के जरिए बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद Telegram पर बातचीत हुई और दोनों के बीच मुलाकात तय हुई।

20 जुलाई और 24 जुलाई 2026 को पीड़ित की दोनों महिलाओं से मुलाकात हुई। 24 जुलाई को डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्तरां में डिनर के बाद पीड़ित का मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया। इसके बाद इसी मोबाइल और उससे जुड़े बैंकिंग एक्सेस का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित के दो बैंक खातों से 1.30 लाख UPI के जरिए ट्रांसफर कर लिए गए।

दक्षिण-पश्चिम जिला की टीम ने जांच शुरू की

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर, दक्षिण-पश्चिम जिला की टीम ने जांच शुरू की। एसीपी संदीप घई की देखरेख में SHO प्रवेश कौशिक, SI नीरज और संदीप की टीम ने जांच के दौरान सबसे पहले मनी ट्रेल यानी रकम के लेन-देन की कड़ी को खंगाला। इसके साथ ही बैंक खातों की KYC, अकाउंट स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच की गई। जांच में सामने आया कि 1.30 लाख की रकम पहले एक आरोपी के बैंक खाते में पहुंची और उसके बाद उसकी सहयोगी के खाते में ट्रांसफर की गई।

सीसीटीवी ने खोला राज

इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले। CCTV में दो महिलाओं को ठगी की रकम निकालते हुए देखा गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और बैंकिंग ट्रेल को जोड़ते हुए दोनों आरोपियों की पहचान की।

पुलिस जांच के मुताबिक, 26 वर्षीय ज्योत्सना ने कथित तौर पर फर्जी पहचान के साथ डेटिंग ऐप प्रोफाइल बनाई थी। उसी प्रोफाइल के जरिए उसने 67 वर्षीय पीड़ित से संपर्क स्थापित किया।

ज्योत्सना ने अपनी सहयोगी को शामिल किया

इसके बाद ज्योत्सना ने अपनी सहयोगी 21 वर्षीय मंशी को इस योजना में शामिल किया। पुलिस का दावा है कि मंशी वास्तव में डेटिंग ऐप प्रोफाइल संचालित करने वाली महिला नहीं थी, लेकिन उसने खुद को उसी प्रोफाइल की महिला बताकर पीड़ित से मुलाकात की।

यानी ऑनलाइन जिस महिला से पीड़ित बातचीत कर रहा था, उसके नाम और पहचान का कथित तौर पर इस्तेमाल कर दूसरी महिला को सामने लाया। पीड़ित का मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपियों ने उसके बैंक खातों से ₹1.30 लाख ट्रांसफर किए। करीब 90 हजार ATM के जरिए निकाले गए।

पुलिस का कहना है सबूत मिटाने के लिए चोरी किए गए मोबाइल को बाद में नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी सर्विलांस को एक साथ जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया। सभी कड़ियों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंची। दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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