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उत्तर प्रदेश के गोंडा में दिसंबर की एक रात एक परिवार के लिए जिंदगी भर न भूलने वाली घटना बन गई। कुछ दिन पहले ही जिस लड़की को परिवार ने धूमधाम से बहू बनाकर घर में प्रवेश कराया था, वही कथित तौर पर घर के लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर लाखों रुपये के जेवर और सामान लेकर फरार हो गई।
सुबह जब परिवार के लोगों को होश आया तो घर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बहू गायब थी और घर में रखा कीमती सामान भी नहीं था।
मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे इस कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ के पीछे चल रहे गिरोह की कहानी सामने आने लगी।
शादी के लिए परेशान था परिवार
गोंडा के खरगूपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बृजभूषण पांडेय की शादी लंबे समय से नहीं हो पा रही थी। परिवार चाहता था कि किसी तरह उनके घर में बहू आए।
इसी दौरान जोखू नाम का एक बिचौलिया उनके संपर्क में आया। उसने लखीमपुर खीरी की रहने वाली शिवानी उर्फ गोमती देवी नाम की युवती के बारे में बताया।
बात आगे बढ़ी और दोनों परिवारों के बीच शादी की सहमति बन गई।
17 दिसंबर को बृजभूषण और शिवानी की शादी धूमधाम से कर दी गई।
परिवार को उस समय जरा भी अंदाजा नहीं था कि शादी के कुछ ही दिनों बाद उनके घर में ऐसी घटना होने वाली है।
शादी के बाद शुरू हुए रस्मों के कार्यक्रम
शादी के बाद घर में सामान्य माहौल था। 21 दिसंबर को विवाह से जुड़े कुछ रस्मोरिवाजों का कार्यक्रम भी रखा गया।
इस दौरान नवविवाहिता की तरफ से उसका कथित भाई और कुछ अन्य लोग भी घर पहुंचे।
परिवार के लिए ये लोग मेहमान थे। किसी को उनके इरादों पर संदेह नहीं हुआ।
दिनभर घर में शादी की खुशियां और रस्मों का माहौल बना रहा।
लेकिन रात होते-होते कहानी ने अचानक दूसरा मोड़ ले लिया।
रात के खाने के बाद एक-एक कर बेहोश होने लगे लोग
पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि रात में शिवानी ने अपने पति और ससुराल के दूसरे सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया।
खाना खाने के बाद परिवार के लोग धीरे-धीरे बेहोशी की हालत में पहुंच गए।
घर में जब कोई होश में नहीं था, उसी दौरान कथित तौर पर शिवानी ने अपने साथियों को बुलाया।
इसके बाद घर से शादी का सामान, नकदी और कीमती जेवर निकाल लिए गए।
आरोप है कि लाखों रुपये के जेवर लेकर नवविवाहिता अपने साथियों के साथ वहां से निकल गई।
सुबह आंख खुली तो दुल्हन और सामान दोनों गायब
जब परिवार के लोगों को होश आया तो उन्हें कुछ भी समझ नहीं आया।
घर में अफरातफरी मच गई।
सबसे पहले लोगों ने शिवानी को तलाशना शुरू किया, लेकिन वह कहीं नहीं मिली।
इसके बाद घर में रखे सामान की जांच हुई तो कीमती जेवर और अन्य सामान भी गायब था।
तब परिवार को समझ आया कि उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी हो चुकी है।
उन्होंने तत्काल पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शादी से जुड़े लोगों, बिचौलिए और नवविवाहिता के संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को शक हुआ कि यह सिर्फ एक महिला का किया हुआ अपराध नहीं है।
मामले में कई लोग शामिल हो सकते हैं।
इसके बाद पुलिस ने शिवानी को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
तलाशी में मिलीं नशीली गोलियां
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से लूटे गए कथित जेवर और घर का सामान बरामद किया गया।
इसके अलावा करीब 350 नशीली गोलियां और एक मोबाइल फोन भी बरामद होने की बात सामने आई।
नशीली गोलियों की बरामदगी ने जांच को और गंभीर बना दिया, क्योंकि पुलिस को शक था कि परिवार को बेहोश करने के लिए इसी तरह के पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था।
बरामद सामान को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया और आरोपियों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आया कथित गिरोह
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के तौर पर काम करते थे।
आरोप है कि गिरोह शादी के लिए परिवार तलाशता था, फिर बिचौलियों के जरिए रिश्ता तय कराया जाता था।
शादी के बाद मौका देखकर घर में मौजूद लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने और कीमती सामान लेकर फरार होने की योजना बनाई जाती थी।
अगर जांच में यह पूरा नेटवर्क सही साबित होता है, तो गोंडा की घटना किसी एक परिवार के साथ हुई अकेली वारदात नहीं बल्कि एक बड़े आपराधिक तरीके का हिस्सा हो सकती है।
कुछ दिनों की दुल्हन और फिर पुलिस की गिरफ्त
जिस लड़की को परिवार ने 17 दिसंबर को धूमधाम से बहू बनाकर घर में लाया था, वही कुछ दिनों बाद पुलिस की गिरफ्त में थी।
परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी सदमे वाली थी क्योंकि उन्होंने जिस रिश्ते पर भरोसा करके शादी की थी, उसी रिश्ते के जरिए कथित तौर पर उनके घर को निशाना बनाया गया।
शादी के बाद घर में आई बहू पर परिवार ने भरोसा किया था। इसी भरोसे का कथित तौर पर फायदा उठाया गया।
शादी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान
ऐसे मामलों के बाद शादी के लिए रिश्ते तय करने वाले परिवारों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे सामने वाले व्यक्ति की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि की अच्छी तरह जांच करें।
सिर्फ किसी बिचौलिए की बात पर भरोसा करके शादी का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। पहचान पत्र, स्थायी पता, परिवार और पुराने रिकॉर्ड की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
गोंडा की यह घटना भी यही बताती है कि कभी-कभी अपराधी रिश्ते और भरोसे जैसी भावनात्मक चीजों का इस्तेमाल ही अपने अपराध के लिए हथियार बना लेते हैं।
नोट: यह कहानी उपलब्ध पुलिस कार्रवाई और आरोपों के आधार पर पुनर्लिखी गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



