
कोकरनाग/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कोकरनाग के 28 वर्षीय मजदूर ऐजाज अहमद डार का शव पंजाब में मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। ऐजाज कई दिनों से लापता था और परिजन उसकी तलाश में परेशान थे। सोमवार, 19 अक्टूबर को शव गांव पहुंचने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने कोकरनाग पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने उसकी मौत को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रोजगार की तलाश में पंजाब गया था ऐजाज
मृतक की पहचान हॉलपोरा, गडूल के दरपोरा निवासी ऐजाज अहमद डार के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक, वह मजदूरी करके अपना जीवनयापन करता था। काम की तलाश में वह पहले श्रीनगर गया, जहां करीब 10 दिन तक रहा। इसके बाद रोजगार की उम्मीद में लुधियाना चला गया।
परिजनों ने बताया कि पंजाब पहुंचने के बाद करीब एक सप्ताह तक ऐजाज से फोन पर नियमित बातचीत होती रही। फिर अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया और परिवार का उससे संपर्क टूट गया। काफी कोशिशों के बावजूद जब उसकी कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजन उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए।
26 सितंबर को दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
ऐजाज का पता नहीं चलने पर परिवार ने 26 सितंबर को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजन लगातार उसकी तलाश और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन बाद में पंजाब में उसका शव मिलने की खबर आई।
ऐजाज की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने शव की हालत, खासकर चेहरे की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और मांग की कि मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाए।
सात बहनों का इकलौता भाई था ऐजाज
परिवार के लिए ऐजाज की मौत का दुख और भी गहरा है, क्योंकि वह सात बहनों का इकलौता भाई था। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐजाज के साथ आखिर क्या हुआ, यह स्पष्ट होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो।
17 अक्टूबर को भी किया गया था प्रदर्शन
ऐजाज के लापता रहने के दौरान 17 अक्टूबर को भी हॉलपोरा के स्थानीय निवासियों और परिवार ने प्रदर्शन किया था। उस समय लोगों ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और जल्द तलाश करने की मांग की थी।
बताया गया कि कोकरनाग के एसडीपीओ और थाना प्रभारी के हस्तक्षेप तथा आश्वासन के बाद उस समय प्रदर्शन समाप्त हो गया था। लेकिन 19 अक्टूबर को शव गांव पहुंचने के बाद लोगों का आक्रोश फिर सामने आया और उन्होंने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने ऐजाज की मौत को हत्या से जोड़कर आशंका जताई और मामले की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाया जाना चाहिए। परिवार ने दोषी पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा की मांग भी उठाई।
पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक वहां से हट गए।
फिलहाल, ऐजाज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी की आपराधिक भूमिका है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिवार को अब जांच के निष्कर्ष और न्याय मिलने का इंतजार है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और परिजनों के बयानों पर आधारित है। हत्या की आशंका और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मौत के कारणों और किसी की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच में मिले साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाना चाहिए।



