
बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल-26’ के वो सीन सबको जरूर याद होंगे, जहां कुछ लोगों द्वारा फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम बनाकर नेताओं और कारोबारियों समेत कई जगह धड़ल्ले से रेड मारी जाती हैं। ठीक वैसी ही फिल्मी पटकथा को हकीकत बनाने के लिए राजधानी दिल्ली में दो महिलाएं निकली थीं।
खाकी और मोनोग्राम वाली ड्रेस, गले में सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र और चेहरे पर दबंग अफसरों जैसा रौब। दिल्ली के प्रशांत विहार में एक फर्नीचर कारोबारी के घर रेड मारने पहुंची इस नकली सीबीआई अफसरों की टीम का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। रोहिणी जिला पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में रची गई इस साजिश के पांच और शातिर सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।
होटल मालकिन और बार डांसर मास्टरमाइंड
डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, इस फिल्मी स्टाइल वाले फर्जी सीबीआई अफसरों के गिरोह की सरगना आसिफा और पूजा अग्रवाल थीं। आसिफा राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी, लेकिन घाटे के बाद उसने वसूली का रास्ता चुना। उसे सीबीआई की कार्यप्रणाली की पूरी समझ थी, इसलिए उसने खुद फर्जी आईकार्ड और मोनोग्राम वाली वर्दी तैयार करवाई। वहीं, दूसरी आरोपी पूजा की मुलाकात एक पार्टी में 63 वर्षीय कुलदीप से हुई थी, जिसने फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल को सॉफ्ट टारगेट बताया था। इसके बाद पूजा के जीजा चंद्र प्रकाश ने शुभम, राजवीर और नितिन जैसे लड़कों को गिरोह में शामिल कर पूरी फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम तैयार कर ली।
शोर मचाने से खुली पोल
11 अगस्त को दो महिलाओं और आठ पुरुषों की यह टीम जब कारोबारी प्रथम अग्रवाल के घर रेड मारने पहुंची, तो घर पर केवल प्रथम और उनकी मां थीं। कारोबारी को उन पर शक हुआ और उन्होंने दरवाजा खोलने के बजाय शोर मचा दिया। भेद खुलते ही सभी नकली अफसर वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस द्वारा इस मामले की जांच के दौरान आरोपियों का सुराग मिलने पर पुलिस ने फर्जी सीबीआई अफसरों की टीम के कई सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस को उनके पास से सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके
● कुछ समय पहले करोल बाग के एक बड़े कारोबारी के यहां फर्जी प्रवर्तन निदेशालय की टीम बनकर पहुंचे बदमाशों ने करोड़ों के जेवर और नकदी लूटने की कोशिश की थी।
● रोहिणी इलाके में ही खुद को कस्टम और विजिलेंस विभाग का उच्च अधिकारी बताकर आयात-निर्यात व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाला एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा गया था।



