
हरदोई, अमृत विचार। साइबर क्राइम में तेज़ी आ गई है, जिससे आम लोग और व्यापारी दोनों पर असर पड़ रहा है।बढ़ती साइबर धोखाधड़ी से लोगों में काफी डर है,इतना ही नहीं उन्हे अब अपने अलावा और किसी पर भरोसा नहीं रहा। सबसे खास बात है कि सरकार की तरफ से साइबर क्राइम को ले कर बराबर आगाह करने के बाद भी ऐसा हो रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस और बैंक की तरफ से सुनवाई न होने पर कई को कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ रहा है। इसी कड़ी में साइबर थाने में मंगलवार की देर शाम साइबर धोखाधड़ी के तीनों अलगअलग मामले दर्ज किए गए हैं। साइबर पुलिस की टीम दर्ज हुए धोखाधड़ी के तीनों मामलों की गहराई से जांचपड़ताल कर रही है।
पहला मामलासाण्डी थाने के मोहल्ला काज़ी टोला निवासी मोहम्मद शकील अहमद से जुड़ा है। ‘जैद एंटरप्राइजेज’ के नाम से सोफा कारखाना के मालिक शकील ने फेसबुक पर जयपुर की ‘विनायक इंडस्ट्रीज’ का विज्ञापन देखा था। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय शर्मा ने उन्हें 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 700 किलोग्राम सोफा पन्नी देने का सौदा किया। शकील ने 12 से 16 मार्च 2026 के बीच यूपीआई से 63 हज़ार रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन माल उन तक नहीं पहुंचा। पीड़ित ने एसीजेएम की कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद अब साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरा मामलाहरियावां थाने के मदरावां गांव निवासी ऋषभ शुक्ला का है। 18 मई 2026 को उनका मोबाइल हैक कर लिया गया। दोपहर 1:19 बजे उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से धोखाधड़ी कर 98 हज़ार रुपये निकाल लिए गए। जांच में सामने आया कि यह रकम दिलदेर हुसैन नामक गूगल आईडी से जुड़े बैंक खाते में भेजी गई थी। ऋषभ की याचिका पर एसीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद साइबर थाना पुलिस ने इस बारे में भी मामला दर्ज किया है।
तीसरा मामला बिलग्राम कोतवाली के गुरौली गांव का बताया गया है। वहां के हरीबाबू द्विवेदी ने बतिया कि 13 मई 2026 की रात अज्ञात हैकर्स ने उनका फोनपे अकाउंट हैक कर लिया और तीन किस्तों में कुल 98 हज़ार 999 रुपये निकाल लिए। पैसे कटते ही हरीबाबू ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर1930 पर कॉल की, हेल्पलाइन की तुरंत कार्रवाई के चलते ठगी गई पूरी रकम को समय रहते फ्रीज करा दिया गया, जिससे पीड़ित को बड़ी राहत मिली। तीनों मामलों की पुलिस गहराई से जांचपड़ताल कर रही है।



