
सीतापुर। घण्टाघर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। मामले में कांग्रेस कमेटी पक्ष की ओर से दायर प्रकरण 1 अक्टूबर को हाईकोर्ट में लिस्टेड है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष शिशिर बाजपेई का कहना है कि उस दिन पार्टी की ओर से न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन भवन को अपने कब्जे में ले चुका है।
खाली कराने के नोटिस के बाद हाईकोर्ट पहुंचा कांग्रेस पक्ष
कांग्रेस नगर अध्यक्ष शिशिर बाजपेई के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से घण्टाघर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय को खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस पक्ष ने मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया।
उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को उच्च न्यायालय ने स्टे के अनुरोध को खारिज कर दिया था, लेकिन मूल प्रकरण अभी लंबित है। इसी मामले में अब 1 अक्टूबर की तारीख लिस्टेड है। कांग्रेस पक्ष का कहना है कि सुनवाई के दौरान वह न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेगा।
1971 में हुआ था कार्यालय का आवंटन
कांग्रेस कार्यालय से जुड़े पक्ष के मुताबिक, घण्टाघर स्थित भवन का आवंटन वर्ष 1971 में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण बाबू के कार्यकाल में हुआ था।
बताया गया है कि 31 मार्च 2005 को तत्कालीन नगर अध्यक्ष पूनम मिश्रा ने 240 रुपये नगर पालिका सीतापुर के कोष में जमा किए थे। कार्यालय के आवंटन और भुगतान से जुड़े इन पुराने रिकॉर्ड को भी मौजूदा विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन के कब्जे में है भवन
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय को खाली कराने की कार्रवाई के बाद प्रशासन भवन को अपने कब्जे में ले चुका है। अब मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जहां कांग्रेस पक्ष अपने दावों और पुराने दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखने की बात कह रहा है।
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