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10 सेंट का सिक्का बना करोड़ों का खजाना! नीलामी में 11.81 करोड़ रुपये में बिका, सिर्फ 9 सिक्के हैं मौजूद.

10 सेंट का सिक्का बना करोड़ों का खजाना! नीलामी में 11.81 करोड़ रुपये में बिका, सिर्फ 9 सिक्के हैं मौजूद.

पुरानी और दुर्लभ चीजों की दुनिया में कभी-कभी कोई छोटी सी वस्तु भी इतनी कीमती हो जाती है कि उसकी कीमत सुनकर हर कोई हैरान रह जाए। अमेरिका में हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां महज 10 सेंट का एक पुराना सिक्का करीब 11.81 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ।

यह कोई सामान्य सिक्का नहीं था। इसे 1894-S डाइम या बारबर डाइम के नाम से जाना जाता है। इसकी दुर्लभता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1894 में इसके सिर्फ 24 सिक्के बनाए गए थे और आज पूरी दुनिया में इनमें से केवल 9 सिक्के बचे होने की जानकारी है।

10 सेंट का सिक्का पहुंचा करोड़ों की कीमत तक

एक सितंबर को स्टैक्स बोवर्स गैलरीज की नीलामी में इस दुर्लभ सिक्के को पेश किया गया। नीलामी शुरू होते ही कलेक्टर्स के बीच इसे खरीदने की होड़ लग गई।

आखिरकार यह सिक्का 1.25 मिलियन डॉलर, यानी करीब 11.81 करोड़ रुपये में बिका। बताया गया कि यह सिक्का चौथी बार किसी नीलामी में पेश किया गया था।

1894 में बनाए गए थे सिर्फ 24 सिक्के

इस सिक्के को अमेरिका के तत्कालीन चीफ एन्ग्रेवर चार्ल्स ई. बारबर ने डिजाइन किया था। उनके नाम पर ही इसे बारबर डाइम कहा जाता है।

साल 1894 में ऐसे सिर्फ 24 डाइम बनाए गए थे। समय के साथ इनमें से ज्यादातर सिक्के गायब हो गए और अब केवल 9 सिक्कों के मौजूद होने की जानकारी है।

यही दुर्लभता इसे दुनिया के बड़े कॉइन कलेक्टर्स के लिए बेहद खास बनाती है। अमेरिका के 100 महानतम सिक्कों की एक गाइड में भी इसे चौथे स्थान पर रखा गया है।

आखिर इतने कम सिक्के क्यों बनाए गए?

इस सिक्के के निर्माण को लेकर इतिहास में अलग-अलग बातें सामने आती रही हैं। इसकी कहानी को 1893 के आर्थिक संकट से भी जोड़ा जाता है, जिसके दौरान अमेरिका में सिक्कों की ढलाई पर असर पड़ा था।

एक मान्यता के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को मिंट में बची हुई चांदी का इस्तेमाल करने के लिए इन सिक्कों को बनाया गया था।

वहीं कुछ इतिहासकारों का मानना है कि सैन फ्रांसिस्को मिंट के सुपरिंटेंडेंट ने अपनी बेटी और कुछ बैंक अधिकारियों को उपहार देने के लिए इन सिक्कों को बनवाया था। हालांकि, इन सिक्कों के बनाए जाने की सटीक वजह को लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक मत मिलते हैं।

19 साल के लड़के ने खरीदा था यह सिक्का

इस दुर्लभ सिक्के के इतिहास में एक दिलचस्प अध्याय डेव बोवर्स से जुड़ा है। साल 1957 में 19 साल की उम्र में डेव बोवर्स ने यह सिक्का 4,750 डॉलर में खरीदा था।

उस समय इतनी कम उम्र में एक सिक्के के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करना अपने आप में खास बात थी। लेकिन इस खरीद ने उनके कॉइन कलेक्शन के सफर को एक नई दिशा दे दी।

कुछ साल बाद, 1960 में उन्होंने यही सिक्का 6,000 डॉलर में बेच दिया। इसके बाद यह सिक्का कई बड़े कलेक्टर्स के पास पहुंचा।

दिलचस्प बात यह है कि जिस स्टैक्स बोवर्स गैलरीज ने अब इस सिक्के को करोड़ों रुपये में नीलाम किया, उसका नाम भी डेव बोवर्स से जुड़ा हुआ है।

सिक्के पर बनी है लेडी लिबर्टी की तस्वीर

आज अमेरिका में इस्तेमाल होने वाले 10 सेंट के सिक्के पर पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट की तस्वीर होती है। लेकिन 1894-S बारबर डाइम का डिजाइन इससे बिल्कुल अलग है।

सिक्के के आगे वाले हिस्से पर लेडी लिबर्टी की तस्वीर बनी है, जबकि पीछे की तरफ फूलों की माला के बीच “ONE DIME” लिखा हुआ है।

इसका ऐतिहासिक डिजाइन, सीमित संख्या में निर्माण और बेहद कम बचे हुए सिक्कों की वजह से इसकी कीमत लगातार बढ़ती गई।

छोटी चीज, लेकिन करोड़ों की कीमत

जिस सिक्के की शुरुआती कीमत कभी सिर्फ 10 सेंट थी, वही आज कॉइन कलेक्टर्स के लिए करोड़ों का खजाना बन चुका है। इसकी कहानी बताती है कि पुरानी चीजों की कीमत सिर्फ उनके धातु या मौद्रिक मूल्य से तय नहीं होती।

किसी वस्तु की दुर्लभता, इतिहास, डिजाइन और उसके बचे हुए नमूनों की संख्या उसे बेहद मूल्यवान बना सकती है। 1894-S बारबर डाइम इसका एक शानदार उदाहरण है।

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