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​दिल्ली में चार साल में 10,457 धारदार हथियार जब्त, ऑनलाइन खरीद भी जांच के दायरे में|

दिल्ली में चाकू और डैगर जैसे धारदार हथियारों की बरामदगी को लेकर पुलिस के आंकड़े सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, बीते चार साल में दिल्ली में कुल 10,457 धारदार हथियार जब्त किए गए। इनमें चाकू, डैगर और अन्य नुकीले या धारदार हथियार शामिल हैं। जांच के दौरान कुछ मामलों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से चाकू मंगवाने की जानकारी भी सामने आई है।

​दिल्ली में चार साल में 10,457 धारदार हथियार जब्त, ऑनलाइन खरीद भी जांच के दायरे में|

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, चाकू का इस्तेमाल हत्या और गंभीर हमलों से जुड़े मामलों में सामने आया है। इसी के साथ सोशल मीडिया पर चाकू और डैगर के साथ फोटो या रील बनाने के मामलों पर भी पुलिस की नजर है। कुछ मामलों में हथियारों की खरीद और सप्लाई के स्रोत की जांच ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंची है।

इनमें डैगर चाकू भी शामिल हैं। इसकी बनावट सामान्य चाकू से अलग होती है। इसकी धार दोनों तरफ से तेज हो सकती है और इसका नुकीला सिरा शरीर में गहराई तक प्रवेश कर सकता है। कुछ चाकुओं में धार के साथ कटे हुए डिजाइन भी बने होते हैं। इनके कॉम्पैक्ट आकार के कारण इन्हें कपड़ों में छिपाकर ले जाना आसान बताया गया है। ऐसे हथियारों की खरीदफरोख्त और सप्लाई भी पुलिस की जांच में शामिल है।

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में चाकू समेत अन्य धारदार हथियारों की सबसे ज्यादा बरामदगी हुई थी। इसके बाद 2026 में भी बरामदगी का आंकड़ा लगातार सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस साल 15 अगस्त तक धारदार हथियारों की बरामदगी का आंकड़ा दो हजार से ज्यादा हो चुका था।

जांच में ऑनलाइन बिक्री से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, कुछ धारदार चाकू ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर करीब 200 से 250 रुपये में उपलब्ध थे। ऑर्डर किए जाने के बाद इन्हें घर तक पहुंचाया जाता था। पश्चिमी जिला पुलिस ने फरवरी 2026 में दो हत्या के मामलों में चाकू के इस्तेमाल की जांच के दौरान ब्लिंकिट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया था कि इन मामलों में इस्तेमाल किए गए ‘बटनदार चाकू’ ब्लिंकिट के जरिए मंगवाए गए थे।

चाकू रखने को लेकर भी कानूनी प्रावधान हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 7.62 सेंटीमीटर से ज्यादा लंबे और 1.72 सेंटीमीटर से ज्यादा चौड़े चाकू रखना आर्म्स एक्ट के दायरे में आ सकता है। इसलिए किसी हथियार को ऑनलाइन खरीदना या उसे सामान्य चाकू के रूप में बेचा जाना अपने आप में कानूनी छूट का आधार नहीं माना जा सकता।

डीसीपी विक्रम सिंह के मुताबिक, चाकू से जुड़े मामलों की जांच के बाद पुलिस ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन और मीशो को पत्र भेजकर धारदार हथियारों की बिक्री से संबंधित डेटा मांगा था। पुलिस को बड़ी संख्या में डेटा मिला। इसी जानकारी के आधार पर मई 2026 में अभियान शुरू किया गया, जिसमें 134 तेज धार वाले हथियार बरामद किए गए। यह कार्रवाई ऑनलाइन बिक्री और धारदार हथियारों से जुड़े मामलों की जांच के बीच संबंध को सामने लाती है।

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