भारत ने नई दिल्ली में 10वें इंडियन ओशन डायलॉग की मेज़बानी की. इस बार सम्मेलन की थीम रही ‘बदलती दुनिया में भारतीय महासागर क्षेत्र. इस संवाद का आयोजन विदेश मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन सचिवालय के साथ मिलकर किया.

सम्मेलन में IORA सदस्य देशों और संवाद साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और विद्वानों ने हिस्सा लिया. बैठक में भारतीय महासागर क्षेत्र से जुड़े रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनेवाल, मॉरीशस के क्षेत्रीय एकीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री धनंजय रामफल और यमन के राज्य मंत्री वलीद मोहम्मद अल कदीमी ने संबोधन दिया. वक्ताओं ने बदलते भूराजनीतिक और आर्थिक हालात के बीच भारतीय महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, सामूहिक सुरक्षा और सतत विकास की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा
इंडियन ओशन डायलॉग को IORA का प्रमुख ट्रैक1.5 मंच माना जाता है, जहां समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, निवेश और सतत विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होती है. भारत इससे पहले भी इस संवाद के कई संस्करणों की मेज़बानी कर चुका है.
पहला सम्मेलन 2014 में केरल में, छठा संस्करण 2019 में नई दिल्ली में और आठवां संस्करण 2021 में वर्चुअल तरीके से आयोजित हुआ था. इस बार का सम्मेलन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत ने 202527 के लिए IORA की अध्यक्षता संभाली है.
शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भारतीय महासागर
भारत ने अपने MAHASAGAR विज़न और पड़ोसी पहले नीति के तहत शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भारतीय महासागर क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. समापन सत्र में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने विशेष संबोधन दिया.
विदेश मंत्रालय में सचिव पी. कुमारन ने भी भारत की प्राथमिकताओं और सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्षों पर प्रकाश डाला. माना जा रहा है कि इस संवाद में हुई चर्चाएं भारतीय महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.



