Satya Report: थाइलैंड के सोंगक्रान फेस्टिवल में 191 मौते हुईं. यह फेस्टिवल 13 से 15 अप्रैल के बीच में मनाया गया. यह पहला मौका नहीं है जब मौतों का आंकड़ा बढ़ा. इस फेस्टिवल को दुनिया की सबसे बड़ी वॉटर फाइट के नाम से भी जाना जाता है. जानिए, क्या है सोंगक्रान फेस्टिवल और हर साल क्यों होती हैं मौतें.
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थाइलैंड के सोंगक्रान फेस्टिवल में 191 लोगों की मौत हुई और 911 घायल हुए. सबसे ज्यादा मौतें बैंकॉक में हुई हैं. इस साल यह फेस्टिवल 13 से 15 अप्रैल के बीच में मनाया गया. फेस्टिवल को दुनिया की सबसे बड़ी वॉटर फाइट के नाम से भी जाना जाता है. फेस्टिवल में मौत की सबसे बड़ी वजह तेज गाड़ी चलाना और हेलमेट न पहनना बताया गया. सबसे ज्यादा हादसे दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच हुए.
हर साल इस फेस्टिवल के दौरान मौत के आंकड़े सामने आते हैं. पिछले साल की बात करें तो साल 2025 में सोंगक्रान के दौरान 253 लोगों की जान गई थी. अब सवाल है कि क्या है सोंगक्रान फेस्टिवल, यह क्यों मनाया जाता है और तमाम प्रशासनिक रोक के बाद भी क्यों बढ़ जाती हैं मौतें.
क्या है सोंगक्रान फेस्टिवल?
सोंगक्रान थाइलैंड का प्रसिद्ध त्योहार है, इसे थाई नववर्ष के रूप में मनाया जाता है. इस फेस्टिवल में लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं. जैसे होली रंगों का त्योहार है उसी तरह सोंगक्रान पानी का त्योहार है. इस दौरान विदेशी पर्यटकों भी संख्या भी बढ़ जाती है. इस दौरान थाइलैंड के बड़े शहरों में भीड़ बढ़ जाती है क्योंकि लोग अपने परिवार के साथ अपने गृह प्रांत पहुंचते हैं.
क्यों डालते हैं पानी?
थाइलैंड में पानी डालने की परंपरा सिर्फ मस्ती के लिए नहीं है. मान्यता है कि थाई नववर्ष पर पानी डालने से बुरे कर्म का असर खत्म होता है. नकारात्मकता दूर होती है. यह बड़ों का सम्मान करने का दिन भी है. इस दिन लोग अपने माता-पिता और बुजुर्गों के हाथों पर पानी डालकर आशीर्वाद लेते हैं. यह सम्मान और कृतज्ञता दिखाने का तरीका भी है.
क्यों नहीं रुके हादसे?
यह पहला मौका नहीं है जब मौतों का आंकड़ा यहां तक पहुंचा है. हर साल यहां त्योहार पर मौतों की संख्या बढ़ती है. इस साल भी थाइलैंड सरकार ने रोड सेफ्टी अभियान चलाए थे. जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को चेतावनी दी थी. नशे में गाड़ी न चलाने की बात कही गई थी. पुलिस चेक पॉइंट बढ़ाए गए थे. इसके बावजूद मौतों के आंकड़ों में बहुत कमी नहीं आई. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि फेस्टिवल के पहले ही दिन 51 लोगों की मौत हो गई थी.
तेज़ स्पीड से वाहन चलाना मौतों का प्रमुख कारण बनकर उभरा, जो लगभग 42 प्रतिशत मामलों के लिए ज़िम्मेदार था, इसके बाद शराब पीकर वाहन चलाना 27.4 प्रतिशत मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा. अधिकारियों ने हेलमेट न पहनने को भी एक बड़ा कारण बताया. डिजास्टर प्रिवेंशन डिपार्टमेंट का कहना है, सबसे अधिक दुर्घटनाएं दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच हुईं.
कहलाता है ‘सात खतरनाक दिन’
सोंगक्रान के दौरान थाईलैंड भर में बड़े पैमाने पर यात्राएं होती हैं, लाखों लोग बैंकॉक जैसे बड़े शहरों से अपने गृहनगर लौटते हैं, जिससे सड़कों पर भीड़भाड़ और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. सड़क दुर्घटनाओं में भारी बढ़ोतरी के कारण इस त्योहार की अवधि को अक्सर “सात खतरनाक दिन” कहा जाता है.
सड़क दुर्घटना के आंकड़ों से पता चलता है कि थाईलैंड में पूरे साल में औसतन प्रतिदिन 38 सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होती हैं, जो सोंगक्रान के दौरान होने वाली मौतों में बढ़ोतरी को दर्शाती है



