Satya Report: आपने भारत में कई बार हैंडपंप देखा होगा. शायद उसे चलाया भी होगा. लेकिन भारत से रूस गए एक युवक को जब वहां हैंडपंप नजर आया तो उसके होश ही उड़ गए. इस रशियन हैंडपंप से पानी निकालने का ट्रिक बेहद अलग था.

(इमेज- फाइल फोटो)
क्या आपने कभी सोचा है कि हैंडपंप चलाना भी इतना आसान हो सकता है कि बार-बार हैंडल नहीं घुमाना पड़े? भारत में तो हैंडपंप चलाने का मतलब है लगातार 10-15 बार हैंडल ऊपर-नीचे करना, पसीना बहाना और फिर पानी मिलना. लेकिन रूस में यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल अलग है.
हाल ही में भारत से रूस गए एक युवक ने वहां के गांव में एक रशियन हैंडपंप देखा और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में जैसा हैंडपंप नजर आया, वैसा अगर भारत में हो तो शायद ही लोग नल का उपयोग करेंगे. इस हैंडपंप से पानी निकालना काफी आसान है.
कमाल की है तकनीक
वीडियो में साफ दिख रहा है कि इस हैंडपंप से पानी निकालने के लिए हैंडल को सिर्फ एक बार जोर से नीचे दबाना होता है. उसके बाद पानी लगातार बहने लगता है. 30-40 सेकंड तक बिना किसी मेहनत के पानी की धार निकलते रहेगा. ये देख युवक हैरान था. उसने बताया कि रूस के दूरदराज के गांवों में यह सिस्टम बहुत आम है. वहां लोग इसे “रशियन हैंडपंप” या “लीवर पंप” कहते हैं. भारत के पारंपरिक हैंडपंप में पिस्टन और वॉल्व सिस्टम ऐसा होता है कि हर स्ट्रोक पर पानी थोड़ा-थोड़ा ऊपर आता है. लेकिन रूसी डिजाइन में एक स्पेशल फ्लाईव्हील और काउंटर-वेट मैकेनिज्म लगा होता है. एक बार हैंडल घुमाने या दबाने पर यह व्हील घूमता है और कई स्ट्रोक का काम अपने आप कर देता है.
वीडियो में साफ दिख रहा है कि इस हैंडपंप से पानी निकालने के लिए हैंडल को सिर्फ एक बार जोर से नीचे दबाना होता है. उसके बाद पानी लगातार बहने लगता है. 30-40 सेकंड तक बिना किसी मेहनत के पानी की धार निकलते रहेगा. ये देख युवक हैरान था. उसने बताया कि रूस के दूरदराज के गांवों में यह सिस्टम बहुत आम है. वहां लोग इसे “रशियन हैंडपंप” या “लीवर पंप” कहते हैं. भारत के पारंपरिक हैंडपंप में पिस्टन और वॉल्व सिस्टम ऐसा होता है कि हर स्ट्रोक पर पानी थोड़ा-थोड़ा ऊपर आता है. लेकिन रूसी डिजाइन में एक स्पेशल फ्लाईव्हील और काउंटर-वेट मैकेनिज्म लगा होता है. एक बार हैंडल घुमाने या दबाने पर यह व्हील घूमता है और कई स्ट्रोक का काम अपने आप कर देता है.



