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54 एंटीवेनम इंजेक्शन, लंबा इलाज और भारी-भरकम बिल… सांप के काटने का मामला बना सुर्खियां..

54 एंटीवेनम इंजेक्शन, लंबा इलाज और भारी-भरकम बिल… सांप के काटने का मामला बना सुर्खियां..

अमेरिका के इडाहो में रहने वाले क्रिस हॉवर्थ के लिए परिवार से मिलने की यात्रा जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन गई. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिस अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कैलिफोर्निया के ओरोविल गए थे. वह अपने रिश्तेदारों के साथ कुछ दिन बिताने के बाद वापस घर लौटने की तैयारी कर रहे थे.

इसी दौरान वह अपने माता-पिता के घर के बगीचे में चले गए. उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ सेकंड में उनकी जिंदगी खतरे में पड़ने वाली है. क्रिस ने जैसे ही जमीन पर पैर रखा, उन्हें लगा कि उनका पैर किसी पौधे या लकड़ी जैसी चीज पर पड़ा है. लेकिन तुरंत ही उन्हें एहसास हुआ कि वह किसी और चीज पर नहीं, बल्कि जहरीले रैटलस्नेक पर पैर रख चुके हैं. सांप ने तुरंत पलटकर हमला किया और क्रिस को दो बार डस लिया.

कुछ ही मिनटों में बिगड़ गई हालत

सांप के काटने के बाद शुरुआत में क्रिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही समय में उनका शरीर तेजी से प्रतिक्रिया देने लगा. उनकी जीभ सुन्न पड़ने लगी, शरीर में सूजन आने लगी और लिम्फ नोड्स भी काफी बढ़ गए. धीरे-धीरे उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उनके फेफड़ों ने भी ठीक से काम करना बंद कर दिया. परिवार घबरा गया और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू कर दिया, क्योंकि जहरीले सांप का जहर शरीर में तेजी से फैल रहा था.

DIC बीमारी ने बढ़ा दी मुश्किल

डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के दौरान क्रिस की हालत और ज्यादा गंभीर हो गई. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें डिसेमिनेटेड इंट्रावैस्कुलर कोएगुलेशन (DIC) नाम की खतरनाक बीमारी हो गई थी. इस स्थिति में शरीर के अंदर असामान्य तरीके से खून के थक्के बनने लगते हैं, जिससे कई अंगों पर असर पड़ सकता है. डॉक्टरों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण था. उन्हें एक तरफ सांप के जहर का असर रोकना था और दूसरी तरफ शरीर में पैदा हुई नई समस्या से भी लड़ना था.

जान बचाने के लिए दिए गए 54 एंटी-वेनम इंजेक्शन

क्रिस की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने लगातार एंटी-वेनम देना शुरू किया. उन्हें कुल 54 वायल एंटी-वेनम दिए गए. इतनी बड़ी मात्रा में दवा देने के बावजूद डॉक्टरों को उनकी हालत पर लगातार नजर रखनी पड़ी. हालात इतने गंभीर हो गए कि जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, वहां एंटी-वेनम का स्टॉक तक खत्म हो गया. इसके बाद क्रिस को हेलीकॉप्टर से स्टैनफोर्ड मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आगे का इलाज जारी रखा. करीब 12 दिन तक आईसीयू में रहने के बाद आखिरकार उनकी हालत में सुधार आया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई.

पत्नी बोलीं- डर था कि कहीं उन्हें खो न दें

क्रिस की पत्नी जेनी ने बताया कि यह समय उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल था. उन्होंने कहा कि जब डॉक्टरों ने DIC बीमारी के बारे में बताया, तो पूरे परिवार की चिंता बढ़ गई थी. उन्हें डर लगने लगा था कि कहीं क्रिस की जान न चली जाए. हालांकि, अब क्रिस पहले से काफी बेहतर हैं, लेकिन वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं. जेनी के मुताबिक, क्रिस करीब 80 प्रतिशत तक ही रिकवर हो पाए हैं. उनके पैर में अब भी दर्द और सूजन रहती है. ज्यादा चलने या काम करने पर उन्हें थकान महसूस होती है.

दवा और आईसीयू का खर्च सुनकर उड़ गए होश

क्रिस की जान तो बच गई, लेकिन इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया. दोनों अस्पतालों का कुल बिल करीब 13 लाख डॉलर यानी लगभग 11 करोड़ रुपये पहुंच गया. जेनी ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार, एंटी-वेनम की एक वायल की कीमत करीब 13 हजार डॉलर थी. क्रिस को 54 वायल दिए गए, जिसकी वजह से सिर्फ दवा का खर्च ही बहुत ज्यादा हो गया. इसके अलावा स्टैनफोर्ड मेडिकल सेंटर के आईसीयू में एक रात का खर्च भी करीब 61 हजार डॉलर बताया गया. हालांकि, परिवार के पास मेडिकल इंश्योरेंस है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें अपनी जेब से कितनी रकम देनी पड़ेगी.

कमाई बंद, खर्च बढ़ा, परिवार परेशान

इलाज की वजह से क्रिस कई हफ्तों से काम पर नहीं जा पाए हैं. परिवार की परेशानी यह भी है कि उनकी आय रुक गई है. इससे पहले वह अपनी पेड लीव और सिक लीव का इस्तेमाल कर चुके थे. जेनी ने बताया कि एक तरफ करोड़ों रुपये के मेडिकल बिल की चिंता है और दूसरी तरफ घर की आमदनी भी प्रभावित हो रही है. हालांकि, इस मुश्किल समय में कई लोगों ने परिवार की मदद के लिए आर्थिक सहयोग किया है.

जिंदगी की कीमत समझा गई यह घटना

क्रिस और उनका परिवार अब इस घटना को जिंदगी का बड़ा सबक मानते हैं. उनका कहना है कि इंसान को कभी नहीं पता होता कि अगला पल कैसा होगा, इसलिए परिवार और अपनों के साथ बिताया समय बेहद खास होता है. एक छोटे से हादसे ने क्रिस की जिंदगी बदल दी, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत और समय पर मिले इलाज ने उन्हें नई जिंदगी दे दी. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल या बगीचे जैसी जगहों पर सावधानी कितनी जरूरी है, क्योंकि कभी-कभी एक छोटी सी गलती भी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.

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