रेलवे के टेक्निकल कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग के लिए अपनी मांगें रखी हैं. यह कर्मचारियों के अलगअलग लेवल्स के लिए 5 फिटमेंट फैक्टर, 5 फीसदी की सालाना वेतन वृद्धि, और एक प्रमोशनल सैलरी ग्रोथ की मांग कर रहा है जो दो सालाना वेतन वृद्धियों के बराबर होनी चाहिए. अपने ज्ञापन में, IRTSA ने कर्मचारियों के अलगअलग स्तरों के लिए पांच फिटमेंट फैक्टर तक की मांग की है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रेलवे कर्मचारियों के संगठन की ओर से किस तरह की डिमांड की गई है.

अलगअलग फिटमेंट फैक्टर क्यों चाहता है संगठन?
अपने ज्ञापन में, IRTSA ने कर्मचारियों के अलगअलग स्तरों के लिए 5 फिटमेंट फैक्टर तक की मांग की है.
| सैलरी लेवल | प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर |
| L1 से L5 | 2.92 |
| L6 से L8 | 2.92 × 1.2 = 3.50 |
| L9 से L12 | 2.92 × 1.3 = 3.80 |
| L13 से L16 | 2.92 × 1.4 = 4.09 |
| L17 और L18 | 2.92 × 1.5 = 4.38 |
IRTSA अपने ज्ञापन में कहा कि रेलवे में टेक्निकल सुपरवाइजर्स की कैटेगिरी के लिए CPSE की तरह पांचग्रेड सैलरी स्ट्रक्चर उपलब्ध होनी चाहिए. IRTSA अपने ज्ञापन में कहा कि टेक्नोक्रेट्स, खासकर रेलवे में काम करने वालों का सैलरी, नॉनटेक्नोक्रेट कर्मचारियों से अलग तय किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें काम से जुड़े खतरों/जरूरतों, अतिरिक्त काम के घंटों और सेवा की खास शर्तों के लिए उचित मुआवजा मिल सके. IRTSA के अनुसार, कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से रेलवे के टेक्निकल कर्मचारियों को ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की जरूरत है. इनमें योग्यता, ट्रेनिंग, अनुभव, पेशेवर ज्ञान, काम के लिए जरूरी काबिलियत, कर्तव्य, जिम्मेदारियां और जवाबदेही, साथ ही काम के दौरान उन्हें जिन खतरों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वे शामिल हैं.
शुरुआती वेतन के साथ टेक्निकल सुपरवाइजर्स के लिए प्रस्तावित कैडर स्ट्रक्चर
| कैडर | लेवल | प्रस्तावित शुरुआती वेतन | मौजूदा वेतन में वृद्धि |
| जूनियर इंजीनियर | लेवल7 | 1,57,400 रुपए | मौजूदा 35,400 रुपए का 4.45 गुना |
| सीनियर सेक्शन इंजीनियर | लेवल8 | 1,66,800 रुपए | मौजूदा 44,900 रुपए का 3.71 गुना |
| हेड SSE | लेवल9 | 2,01,600 रुपए | मौजूदा 53,100 रुपए का 3.8 गुना |
| चीफ SSE | लेवल10 | 2,13,000 रुपए | — |
| प्रिंसिपल SSE | लेवल11 | 2,57,000 रुपए | — |
तकनीकी रेलवे कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता
रेलवे कर्मचारी संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अलग कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स तैयार किया जाना चाहिए, और DA की औसत रीडिंग की गणना करने के लिए खर्चों के बास्केट में इंटरनेट खर्च, बोतलबंद पीने के पानी का खर्च, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम आदि जैसी खर्च की मदों को शामिल किया जाना चाहिए.
IRTSA का कहना है कि 5वें CPC द्वारा DA के 50 फीसदी हिस्से को वेतन के साथ DP के रूप में मिलाने के लिए तय किए गए सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए. DA का भुगतान इनकम टैक्स काटने के बाद किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका भुगतान महंगाई की भरपाई के तौर पर किया जाता है.
हाउस रेंट अलाउंस
IRTSA ने अपने ज्ञापन में DA के मौजूदा तीनस्तरीय वर्गीकरण को बदलकर चारस्तरीय करने की भी वकालत की है. इसने तकनीकी रेलवे कर्मचारियों के लिए इन चार HRA कैटेगिरीज का प्रस्ताव दिया है:
A श्रेणी के शहरों के लिए HRA 40% + DA
B श्रेणी के शहरों के लिए HRA 30% + DA
C श्रेणी के शहरों के लिए HRA 20% + DA
D श्रेणी के शहरों के लिए HRA 10% + DA
नाइट ड्यूटी अलाउंस
IRTSA का कहना है कि 7वें CPC की यह सिफारिश कि नाइट ड्यूटी अलाउंस की तय घंटेवार दर /200 के बराबर जारी रहनी चाहिए, सभी रेल कर्मचारियों पर लागू की जानी चाहिए. कर्मचारी संगठन का कहना है कि रेल कर्मचारियों के लिए नाइट ड्यूटी अलाउंस की कैलकुलेशन के लिए 43,600 रुपए की ऊपरी सीमा हटा दी जानी चाहिए.
चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस
IRTSA ने प्रस्ताव दिया है कि चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस बच्चों की पोस्टग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए दिया जाना चाहिए. कर्मचारी संगठन का कहना है कि चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस की दरें बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह या वास्तविक खर्च के बराबर की जानी चाहिए.
करियर में प्रगति
IRTSA ने 30 साल की सेवा अवधि में ‘मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम’ के तहत 5 वित्तीय अपग्रेडेशन का सुझाव दिया है. इसने प्रस्ताव दिया है कि किसी कर्मचारी की 6, 12, 18, 24 और 30 साल की सेवा पूरी होने पर MACPS के तहत वित्तीय अपग्रेडेशन दिया जाना चाहिए.
लीव इनकैशमेंट
IRTSA का कहना है कि कर्मचारियों को उनके खाते में जमा छुट्टियों में से कम से कम 50 फीसदी छुट्टियों का इनकैश करने की अनुमति दी जानी चाहिए. रेल कर्मचारी संगठन का कहना है कि रिटायरमेंट के समय छुट्टियों के इनकैश की सीमा मौजूदा 300 दिनों से बढ़ाकर 600 दिन की जानी चाहिए.
डेली अलाउंस
IRTSA ने प्रस्ताव दिया है कि काम के सिलसिले में अपने मुख्यालय से बाहर यात्रा करने वाले कर्मचारियों के लिए रहने की जगह, यात्रा खर्च और एकमुश्त राशि का रीइंबर्समेंट को 7वें CPC द्वारा अनुशंसित दरों से 3 गुना बढ़ाया जाना चाहिए, और इसे रेल कर्मचारियों पर भी लागू किया जाना चाहिए.
रिटायरमेंट बेनिफिट
जहां एक ओर IRTSA ने प्रस्ताव दिया है कि 1 जनवरी, 2004 के बाद नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को ‘पुरानी पेंशन योजना’ का लाभ दिया जाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर इसने यह भी सिफारिश की है कि रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की कैलकुकेशन, सर्विस के प्रत्येक पूरे हुए छह महीने की अवधि के लिए, रिटायरमेंट की तारीख को प्राप्त ‘बेसिक पे + DA’ के 1/3 हिस्से की दर से की जानी चाहिए. IRTSA का कहना है कि 33 साल या उससे अधिक की सेवा के लिए देय रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, ‘बेसिक पे + DA’ का 32 गुना होनी चाहिए, जिसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपए होगी. इसका यह भी कहना है कि डेथ ग्रेच्युटी की अधिकतम स्वीकार्य राशि 50 लाख रुपए होनी चाहिए.
CGEGIS सहित ग्रुप इंश्योरेंस
यह बताते हुए कि सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के लिए सब्सक्रिप्शन और इंश्योरेंस कवर की दरें आखिरी बार जनवरी 1990 में बदली गई थीं, IRTSA का कहना है कि सरकार को 50 लाख रुपए, 25 लाख रुपए और 15 लाख रुपए की इंश्योरेंस सीमा के लिए सब्सक्रिप्शन की रकम कम करनी चाहिए.



