पांवटा साहिब : सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में सांस लेने में दिक्कत के चलते भर्ती 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर करीब दो घंटे तक ऑक्सीजन के बिना रहना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने के बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से कई बार सिलिंडर बदलने की गुहार लगाई, लेकिन काफी देर तक उनकी बात नहीं सुनी गई। मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 तक पहुंचने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ऑक्सीजन सिलिंडर बदला गया।

मामला गिरिपार क्षेत्र के बाईलागुजोन गांव की रहने वाली मुंगा देवी का है, जो सिविल अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे महिला को लगाया गया ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया था। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से नया सिलिंडर लगाने का आग्रह किया, लेकिन शाम करीब पांच बजे तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि इस दौरान बुजुर्ग महिला को सांस लेने में परेशानी होती रही।
कोड़गा पंचायत के उपप्रधान सियाराम शर्मा ने भी मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन के समक्ष शिकायत रखी। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की मांग को लेकर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स से दोबारा बात करने पर उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई।
शिकायत में तीमारदारों ने स्टाफ नर्स पर उन्हें वार्ड के दरवाजे से बाहर धक्का देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए हैं। परिजनों ने घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित स्टाफ नर्स का पक्ष सामने आना बाकी है।
अस्पताल में तत्काल समाधान नहीं होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलिंडर बदलकर बुजुर्ग महिला को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई।
घटना के बाद अस्पताल में अन्य मरीजों और तीमारदारों में भी नाराजगी की बात सामने आई है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से ऑक्सीजन जैसी जरूरी चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था दुरुस्त रखने और मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। परिजनों की ओर से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देने की बात भी कही गई है। शिकायत में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने में हुई देरी और संबंधित स्टाफ के व्यवहार की जांच की मांग की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाई जाएगी और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बुजुर्ग महिला को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने में हुई कथित देरी और स्टाफ नर्स पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच होना बाकी है। जांच और संबंधित स्टाफ का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



