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पति के साथ मिलकर प्रेमिका ने की प्रेमी की बेरहमी से हत्या, साक्ष्य मिटाने के लिए जंगल में फूंक डाला शव.

पति के साथ मिलकर प्रेमिका ने की प्रेमी की बेरहमी से हत्या, साक्ष्य मिटाने के लिए जंगल में फूंक डाला शव.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहाँ एक महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही प्रेमी को धोखे से मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, पाप को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों ने शव को पड़ोसी जिले के घने जंगलों में ले जाकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। लापता युवक के पिता की तहरीर पर हरकत में आई पुलिस ने जब शक के आधार पर आरोपी दंपत्ति को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ।

8 मई से लापता था विजय, हमीरपुर गया था प्रेमिका से मिलने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फतेहपुर जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टिकरा गांव निवासी इंद्रपाल निषाद ने बकेवर थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा विजय निषाद (24 वर्ष) बीते 8 मई को अपनी मोटरसाइकिल से हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव गया था, लेकिन उसके बाद से वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया और उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।

परिजनों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की, लेकिन जब विजय का कहीं पता नहीं चला, तो पिता इंद्रपाल ने मनकी गांव की रहने वाली किरण और उसके पति कामता निषाद पर अपने बेटे की हत्या कर शव गायब करने का सीधा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पिता ने पुलिस को बताया कि विजय का किरण के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग (Love Affair) चल रहा था, जिसकी भनक किरण के पति कामता को लग गई थी।

घर बुलाकर उतारा मौत के घाट, घाटमपुर के जंगलों में साक्ष्य मिटाने के लिए फूंका शव
तहरीर के आधार पर बकेवर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपत्ति किरण और कामता निषाद को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में तो दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे और घटना में हाथ होने से साफ इनकार किया। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से कूटनीतिक पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और उन्होंने विजय निषाद की बेरहमी से हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत विजय को धोखे से अपने घर बुलाया था, जहाँ दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए वे उसे कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के रेउना थाना अंतर्गत तहरापुर के घने जंगलों में ले गए। वहाँ उन्होंने शव को सूखी लकड़ियों के बीच रखकर आग लगा दी ताकि उसकी पहचान पूरी तरह मिट सके।

हड्डियों के अवशेष बरामद, कांप उठे परिजन; अंतिम संस्कार भी नहीं कर सके पिता
दंपत्ति के इकबालिया बयान के बाद बकेवर थाना पुलिस ने तुरंत कानपुर की रेउना थाना पुलिस से संपर्क साधा। दोनों थानों की संयुक्त पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर घाटमपुर के तहरापुर जंगल पहुंची। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से मानव शरीर की जली हुई हड्डियों के अवशेष और राख बरामद की है। रेउना थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि बरामद किए गए अवशेषों को सील कर डीएनए (DNA) टेस्ट के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक रूप से शव की पहचान विजय के रूप में पुख्ता की जा सके।

बेटे की नृशंस हत्या और शव को जलाए जाने की खबर मिलते ही मृतक विजय के परिवार में कोहराम मच गया। मां और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलखते हुए पिता इंद्रपाल निषाद ने कहा कि बेरहम कातिलों ने उनके बेटे को इस कदर मिटा दिया कि वे अपने लाडले के अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाए और न ही कलयुगी समाज में उसका विधि-विधान से अंतिम संस्कार ही नसीब हो सका। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सुसंगत धाराओं के तहत जेल भेज दिया है।

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